UP News: मुरादाबाद से गिरफ्तार आईएसआई जासूस शहज़ाद के मामले में उत्तर प्रदेश एंटी टेरर स्क्वॉड (ATS) ने सनसनीखेज खुलासा किया है। शहज़ाद भारत में बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा था और इसके लिए उसने रामपुर व आसपास के जिलों के कई युवाओं को पाकिस्तान भेजा जहां उन्हें जासूसी और विध्वंसकारी गतिविधियों की ट्रेनिंग दी गई। पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारी दानिश की मदद से इन युवाओं के लिए वीजा का इंतजाम भी शहज़ाद ने ही किया।
तस्करी की आड़ में जासूसी
रामपुर के तांदा निवासी शहज़ाद कॉस्मेटिक्स, आर्टिफिशियल ज्वेलरी और महिलाओं के कपड़ों की तस्करी के बहाने कई बार पाकिस्तान गया। वहां वह आईएसआई एजेंट्स के संपर्क में आया। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात दानिश ने उसे वीजा दिलाने में मदद की। शहज़ाद ने व्हाट्सएप जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स के जरिए आईएसआई एजेंट्स से संपर्क बनाए रखा और गोपनीय सूचनाएं साझा कीं। एटीएस को भनक लगने पर उसे मुरादाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया।
युवाओं को भेजा पाकिस्तान
जांच में पता चला कि शहज़ाद ने तस्करी के काम में रामपुर (UP News) और आसपास के बेरोजगार युवाओं को जोड़ा। उसने आईएसआई की मदद से उनके लिए वीजा और यात्रा की व्यवस्था की। पाकिस्तान में इन युवाओं को कट्टरपंथ और विध्वंसकारी गतिविधियों की ट्रेनिंग दी गई। एटीएस का दावा है कि शहज़ाद ने इन युवाओं का मानसिक रूप से ब्रेनवॉश किया और उन्हें भारत के खिलाफ साजिश के लिए तैयार किया।
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ी निगरानी
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एटीएस ने देश में छिपे जासूसों पर नकेल कसी। शहज़ाद की गिरफ्तारी इसी कड़ी का हिस्सा है। उसने न केवल सूचनाएं साझा कीं बल्कि आईएसआई एजेंट्स को भारतीय सिम कार्ड और फंड भी मुहैया कराए।
एटीएस अब उन युवाओं की तलाश में है जिन्हें पाकिस्तान भेजा गया। यह भी जांचा जा रहा है कि क्या ये युवा भारत लौटे हैं और उनकी लोकेशन कहां है। शहज़ाद के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच से पैसे के लेन-देन और अन्य एजेंट्स की जानकारी जुटाई जा रही है। उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।