Final Voter List Released: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियां अब तेज होती दिखाई दे रही हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला स्तर पर अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी है। सभी जिलों में जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की मतदाता सूची जारी कर रहे हैं। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग पूरे प्रदेश के आंकड़ों को एकत्र कर अंतिम रिकॉर्ड तैयार करेगा।
दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस सूची को अंतिम रूप दिया गया है। मतदाता सूची जारी होने के साथ ही पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां भी तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है।
मतदाताओं को मिला नया नंबर
इस बार चुनाव प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव किया गया है। सभी मतदाताओं को नौ अंकों का नया स्टेट वोटर नंबर दिया गया है। इससे मतदाताओं की पहचान करना आसान होगा और चुनाव प्रबंधन की व्यवस्था भी अधिक सुव्यवस्थित बन सकेगी।
निर्वाचन अधिकारियों का मानना है कि नए नंबर से रिकॉर्ड को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी और चुनाव संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी।
लाखों नाम हटे, नए मतदाता जुड़े
मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में बदलाव किए गए हैं। आयोग के अनुसार करीब 1.41 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। वहीं 40.19 लाख नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया है।
इन बदलावों के पीछे मृत मतदाताओं के नाम हटाना, स्थान परिवर्तन और अन्य आवश्यक सुधार प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। नई सूची तैयार होने के बाद अब वास्तविक और अद्यतन आंकड़े चुनावी प्रक्रिया का आधार बनेंगे।
डाउनलोड करने में आ रही दिक्कत
अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद कुछ तकनीकी समस्याएं भी सामने आई हैं। कई स्थानों पर मतदाता सूची डाउनलोड करने में लोगों को परेशानी हो रही है।
संबंधित विभाग ने बताया है कि तकनीकी खामियों को दूर करने का काम जारी है और जल्द ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि मतदाताओं को सूची देखने और डाउनलोड करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
169 दिन में पूरी हुई प्रक्रिया
पंचायत चुनाव की मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया काफी लंबी रही। आयोग को अंतिम सूची तैयार करने में कुल 169 दिन का समय लगा। इससे पहले दिसंबर में जारी अनंतिम मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या पिछले पंचायत चुनाव की तुलना में 40.19 लाख अधिक दर्ज की गई थी।
इस दौरान दावे और आपत्तियां प्राप्त की गईं और उनके निस्तारण के बाद अंतिम सूची तैयार की गई।
चुनाव कार्यक्रम पर बढ़ी नजर
हाल ही में हाई कोर्ट ने भी पंचायत चुनाव समय पर नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई थी। अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा था कि चुनाव कब कराए जाएंगे और इसकी संभावित तारीख क्या होगी।
अब अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव की अधिसूचना और चुनाव कार्यक्रम को लेकर जल्द ही महत्वपूर्ण घोषणा हो सकती है। ऐसे में प्रदेश भर में राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है।
