Uttar Pradesh: प्रदेश में तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग में तेजी से इजाफा होने लगा है। पिछले 10–12 दिनों के भीतर ही बिजली की खपत लगभग 50 प्रतिशत बढ़कर 477 मिलियन यूनिट (एमयू) तक पहुंच गई है। गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए पावर कॉरपोरेशन ने भी अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था करने का दावा किया है, ताकि उपभोक्ताओं को तय शेड्यूल के अनुसार निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
10–12 दिनों में 50 प्रतिशत बढ़ी बिजली की खपत
कुछ दिनों पहले हुई बारिश के कारण बिजली की मांग घटकर लगभग 321 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई थी। हालांकि जैसे ही तापमान में तेजी आई, बिजली की खपत अचानक बढ़कर 477 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कूलर, एसी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अधिक उपयोग के कारण हुई है।शनिवार को प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग करीब 25 हजार मेगावाट दर्ज की गई, जो इस सीजन के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
मई-जुलाई में और बढ़ सकती है बिजली की मांग
पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन का मानना है कि यदि इसी तरह तापमान बढ़ता रहा तो मई और जुलाई के महीनों में बिजली की मांग 31 से 32 हजार मेगावाट तक पहुंच सकती है। ऐसे में विभाग ने पहले से ही बिजली आपूर्ति की तैयारी तेज कर दी है, ताकि किसी तरह की कटौती की नौबत न आए।
34 हजार मेगावाट तक बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष Ashish Kumar Goel ने बताया कि संभावित मांग को ध्यान में रखते हुए 34 हजार मेगावाट तक बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी कर ली गई है। इसके लिए पहले से किए गए एमओयू और पावर एक्सचेंज के माध्यम से अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
बैंकिंग व्यवस्था और नई यूनिट से मिलेगी राहत
राज्य सरकार ने अन्य राज्यों के साथ बैंकिंग व्यवस्था के जरिए लगभग 4,663 मिलियन यूनिट अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था भी की है। इसके अलावा अप्रैल महीने में घाटमपुर की तीसरी यूनिट से भी बिजली आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है, जिससे गर्मी के चरम समय में उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना है।








