UP RERA Real Estate Projects: उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर को गति देने के लिए यूपी रेरा ने वर्ष 2026 की शुरुआत धमाकेदार तरीके से की है। चेयरमैन संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, लखनऊ, बरेली और मथुरा जिलों की सात नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। ₹416.94 करोड़ के निवेश वाली इन योजनाओं के माध्यम से कुल 1,024 आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण होगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और निवेशकों के भरोसे को बहाल करना है। जहाँ गौतमबुद्ध नगर में व्यावसायिक गतिविधियों पर जोर दिया गया है, वहीं मथुरा और बरेली में आवासीय जरूरतों को प्राथमिकता मिली है। यह निर्णय प्रदेश की आर्थिक उन्नति और रोजगार सृजन की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
परियोजना विवरण: जिला-वार विश्लेषण
UP RERA की 192वीं बैठक में स्वीकृत परियोजनाओं का विवरण नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:
| जिला | परियोजनाओं की संख्या | निवेश (करोड़ में) | इकाइयों का विवरण |
| गौतमबुद्ध नगर | 2 | ₹181.36 | 298 व्यावसायिक इकाइयां (दुकानें) |
| मथुरा | 2 | ₹154.92 | 565 आवासीय फ्लैट |
| लखनऊ | 1 | ₹27.65 | 30 व्यावसायिक दुकानें |
| बरेली | 1 | ₹24.56 | 106 आवासीय मकान |
| मेरठ | 1 | ₹28.45 | 25 मकान और दुकानें |
| कुल | 7 | ~₹417 | 1,024 इकाइयां |
प्रमुख बिंदु और प्रभाव
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व्यावसायिक बढ़ावा: गौतमबुद्ध नगर और लखनऊ की परियोजनाओं से संगठित व्यावसायिक गतिविधियों को बल मिलेगा।
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आवास की उपलब्धता: मथुरा और बरेली में बड़े पैमाने पर आवासीय इकाइयों के निर्माण से मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना आसान होगा।
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रोजगार सृजन: ₹417 करोड़ के इस भारी निवेश से निर्माण क्षेत्र और उससे जुड़े उद्योगों में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।
अध्यक्ष का वक्तव्य: “सात परियोजनाओं की मंजूरी यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश का रियल एस्टेट क्षेत्र एक व्यवस्थित और संतुलित तरीके से आगे बढ़ रहा है।” — संजय भूसरेड्डी, अध्यक्ष, यूपी रेरा
पिछली बैठक का संदर्भ
इससे पहले 19 दिसंबर 2025 को हुई बैठक में भी UP RERA ने बड़ा फैसला लिया था। उस समय गौतमबुद्ध नगर, लखनऊ, मथुरा और मऊ में 13 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी, जिसमें ₹4,424.4 करोड़ का निवेश और 19,000 से अधिक इकाइयों का निर्माण प्रस्तावित था।
