Solar Mystery: यूपी में रात के अंधेरे में भी सोलर पैनल बना रहे बिजली, 1000 से ज्यादा मामलों ने बिजली विभाग को चौंकाया

यूपी में सोलर पैनलों से रात के समय भी बिजली उत्पादन दर्ज होने के एक हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। पावर कॉरपोरेशन ने मीटर और सिस्टम की जांच के आदेश दिए हैं।

UP Solar Panel Night Power Generation

UP Solar Panel Night Power Generation:उत्तर प्रदेश में सोलर पैनलों से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिन सोलर पैनलों से सूरज की रोशनी में बिजली तैयार होती है, उन्हीं पैनलों से रात के समय भी बिजली उत्पादन दर्ज किया जा रहा है। यह स्थिति किसी एक-दो उपभोक्ता के यहां नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में सोलर यूनिट में सामने आई है। मामला सामने आने के बाद यूपी पावर कॉरपोरेशन ने इसकी जांच शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि रिकॉर्ड में रात का उत्पादन कैसे दर्ज हुआ।

तीन जिलों में मामले

शक्ति भवन में हाल ही में प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में रात के समय सोलर बिजली उत्पादन दर्ज होने के मामलों पर भी चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक, प्रतापगढ़, सीतापुर और लखीमपुर में ऐसे मामले सबसे ज्यादा मिले हैं। इन तीन जिलों में ऐसे मामलों की संख्या एक हजार से अधिक बताई जा रही है। हालांकि, रात में बिजली उत्पादन दर्ज होने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

मीटर पर शक

बिजली विभाग के अभियंताओं को आशंका है कि कुछ मामलों में सोलर सिस्टम या नेट मीटर से छेड़छाड़ की गई हो सकती है। दूसरी संभावना मीटर में तकनीकी खराबी की है, जिसके कारण गलत रीडिंग रिकॉर्ड हो गई हो। फिलहाल विभाग ने किसी एक वजह को जिम्मेदार नहीं माना है। सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि रिकॉर्ड में दिखाई दे रहा उत्पादन वास्तव में हुआ था या केवल मीटर और सिस्टम की गड़बड़ी के कारण आंकड़े सामने आए।

होगी दोबारा जांच

पावर कॉरपोरेशन ने प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों को ऐसे मामलों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं, जहां शाम के बाद सोलर बिजली उत्पादन दर्ज हुआ है। जिन उपभोक्ताओं के यहां रात में उत्पादन रिकॉर्ड हुआ, वहां कुल सोलर उत्पादन के आंकड़ों की दोबारा समीक्षा की जाएगी। अगर जांच में नेट मीटर से छेड़छाड़ की पुष्टि होती है तो संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है। वहीं, तकनीकी खराबी मिलने पर वास्तविक सोलर उत्पादन की दोबारा गणना की जाएगी।

अधिकारी बोले

पावर कॉरपोरेशन के निदेशक वाणिज्य प्रशांत वर्मा ने बताया कि सोलर पैनलों से रात में भी बिजली उत्पादन दर्ज होने के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों की जांच के आदेश दिए गए हैं। रात में उत्पादन दर्ज होने के पीछे क्या वजह है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। विभाग अब ऐसे सभी मामलों का रिकॉर्ड खंगाल रहा है, ताकि मीटरिंग सिस्टम और वास्तविक सोलर उत्पादन के बीच अंतर का पता लगाया जा सके।

बढ़ रहा सोलर दायरा

उत्तर प्रदेश में सोलर पैनल लगाने के लिए अब तक 11,98,581 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 7,77,704 आवेदनों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इन सोलर पैनलों से प्रदेश में कुल 2,615.77 मेगावॉट बिजली उत्पादन हो रहा है। ऐसे में रात के समय बिजली उत्पादन दर्ज होने वाले मामलों की जांच अहम मानी जा रही है। जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि ये आंकड़े तकनीकी गड़बड़ी का नतीजा हैं या कहीं मीटरिंग सिस्टम के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ हुई है।

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