UP Workers Wage Hike: उत्तर प्रदेश में काम करने वाले लाखों श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर है। बुधवार से उन्हें पहले के मुकाबले ज्यादा मजदूरी मिलने लगेगी। श्रम विभाग ने कालीन, कांच, ईंट-भट्ठा, प्लास्टिक, डेयरी समेत कई उद्योगों में काम कर रहे मजदूरों के लिए नई मजदूरी दरें तय कर दी हैं। इससे संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के कामगारों को फायदा मिलेगा।
महंगाई भत्ते के आधार पर बढ़ोतरी
इस बार मजदूरी में बढ़ोतरी महंगाई भत्ते को ध्यान में रखकर की गई है। अकुशल, अर्द्ध-कुशल, कुशल और अति कुशल सभी श्रेणियों के कामगारों की तनख्वाह बढ़ाई गई है। रोजाना मजदूरी में करीब 10 से 14 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। श्रम विभाग हर छह महीने में महंगाई के हिसाब से यह बदलाव करता है।
नई दरें लागू करने का आदेश
श्रमायुक्त मार्कंडेय शाही ने अप्रैल 2026 के लिए नई मजदूरी दरों का आदेश जारी कर दिया है। यह फैसला न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के तहत लिया गया है। इसके अनुसार, प्रदेश के 74 तरह के रोजगार और उद्योगों में काम करने वाले मजदूरों की सैलरी में बदलाव किया गया है।इस बढ़ोतरी से उद्योगों पर थोड़ा अतिरिक्त खर्च जरूर बढ़ेगा, लेकिन इसका फायदा सीधे कामगारों को मिलेगा।
74 उद्योगों के मजदूरों को फायदा
नई दरों में कई उद्योग शामिल हैं, जैसे ईंट-भट्ठा, प्लास्टिक, डेयरी, कपड़ा, प्राइवेट अस्पताल, प्रिंटिंग, धातु उद्योग, फर्नीचर, दुकानें, सड़क निर्माण और कोल्ड स्टोरेज आदि। इसके अलावा मिष्ठान, तंबाकू, सिलाई, बेकरी, लांड्री और ताला उद्योग के मजदूरों को भी इसका लाभ मिलेगा।
मासिक मजदूरी में कितना बदलाव
ईंट-भट्ठा को छोड़कर बाकी उद्योगों में अकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 11021 रुपये से बढ़ाकर 11313 रुपये कर दी गई है। अर्द्धकुशल मजदूरों को अब 12123 रुपये की जगह 12445 रुपये मिलेंगे। वहीं कुशल श्रमिकों की तनख्वाह 13850 रुपये से बढ़कर करीब 13940 रुपये प्रति महीने हो गई है।
कांच उद्योग के मजदूरों को भी राहत
कांच की चूड़ी उद्योग से जुड़े मजदूरों की मजदूरी में भी बढ़ोतरी हुई है। अकुशल श्रमिकों को अब 9825 रुपये की जगह 10096 रुपये से ज्यादा मासिक वेतन मिलेगा। उन्हें रोजाना करीब 388 रुपये मिलेंगे। अर्द्धकुशल मजदूरों को लगभग 442 रुपये रोजाना मिलेंगे, जबकि कुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी करीब 492 रुपये तय की गई है।
अन्य श्रमिकों की मजदूरी भी बढ़ी
तारवाला जैसे विशेष काम करने वाले श्रमिकों की मासिक मजदूरी 25503 रुपये से बढ़कर करीब 26181 रुपये हो गई है। अब उन्हें रोजाना करीब 1007 रुपये मिलेंगे। वहीं बेलनिया और पर्यवेक्षक जैसे पदों पर काम करने वालों की रोज की मजदूरी भी बढ़ाई गई है।
कामगारों की जिंदगी पर असर
इस बढ़ोतरी से कामगारों को महंगाई से थोड़ी राहत मिलेगी। हालांकि बढ़ोतरी बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन फिर भी रोजमर्रा के खर्चों को संभालने में मदद मिल सकती है। आने वाले समय में अगर महंगाई और बढ़ती है, तो मजदूरी में फिर बदलाव किया जा सकता है।

