Theme Stadium: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश खेल अवसंरचना के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी क्रम में वाराणसी में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की सबसे अनूठी खेल परियोजनाओं में शामिल हो गया है। लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह अत्याधुनिक स्टेडियम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अधिकारियों के अनुसार इसका करीब 92 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है
शिव थीम बनेगी स्टेडियम की सबसे बड़ी पहचान
वाराणसी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए इस स्टेडियम को भगवान शिव की थीम पर विकसित किया जा रहा है। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत होगी। स्टेडियम का मीडिया सेंटर और नॉर्थ पवेलियन डमरू के आकार में बनाया जा रहा है, जबकि फ्लडलाइट्स को त्रिशूल की आकृति दी जा रही है। इसके अलावा मुख्य प्रवेश द्वार बेलपत्र की थीम पर आधारित होगा और छत को अर्धचंद्राकार स्वरूप दिया जाएगा।
30 हजार दर्शकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार हो रहे इस स्टेडियम में एक साथ 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। यहां मुख्य क्रिकेट मैदान के साथ एक फुल-साइज प्रैक्टिस ग्राउंड भी विकसित किया गया है। खिलाड़ियों के लिए आधुनिक ड्रेसिंग रूम, अत्याधुनिक पवेलियन, हाईटेक मीडिया एवं ब्रॉडकास्ट सुविधाएं, 1500 वाहनों की पार्किंग और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
यूपीसीए और योगी सरकार के समन्वय से मिली रफ्तार
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) अपनी संचित निधियों से करा रहा है, जबकि राज्य सरकार ने 90 वर्षों की लीज पर भूमि उपलब्ध कराकर परियोजना को गति दी। निर्माण कार्य के दौरान सभी प्रशासनिक स्वीकृतियां समयबद्ध तरीके से दी गईं, जिससे काम बिना किसी बाधा के तेजी से आगे बढ़ता रहा।
चार महीने में तैयार हुआ बिजली उपकेंद्र
स्टेडियम के निर्माण को गति देने के लिए योगी सरकार ने मुख्यमंत्री की त्वरित विकास निधि के माध्यम से परिसर के पास नया विद्युत उपकेंद्र भी स्थापित कराया। वाराणसी प्रशासन और राज्य सरकार के समन्वय से महज चार महीनों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर दी गई, जिससे निर्माण कार्य को नई रफ्तार मिली।
पूर्वांचल में खेल और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
UPCA के सीईओ अंकित चटर्जी के अनुसार यह स्टेडियम केवल क्रिकेट मैचों का आयोजन स्थल नहीं होगा, बल्कि पूरे पूर्वांचल के खेल विकास का नया केंद्र बनेगा। यहां अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के आयोजन से खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे होटल, परिवहन, स्थानीय व्यापार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
