Waqf Amendment Bill Live Update
वक्फ बिल के माध्यम से धारा 40 को हटाकर आजादी दे रहे हैं: तेजस्वी सूर्या
तेजस्वी सूर्या ने कहा कि, “इस वक्फ बिल के जरिए हम धारा 40 को खत्म कर रहे हैं और 2013 के कानून के इस प्रावधान से लोगों को मुक्ति दिला रहे हैं। 2013 से पहले, वक्फ ट्रिब्यूनल की अधिकारिता केवल मुसलमानों पर लागू होती थी, लेकिन संशोधन के बाद यह गैर-मुस्लिमों पर भी लागू होने लगी। अगर वक्फ के दायरे में गैर-मुस्लिमों को शामिल किया जा सकता है, तो वहां उनका प्रतिनिधित्व क्यों नहीं होना चाहिए?”
‘हिंदुओं को आपकी एक इंच जमीन की भी जरूरत नहीं’ – तेजस्वी सूर्या
बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि हिंदुओं को किसी की एक इंच जमीन की भी जरूरत नहीं है। उन्होंने अपने भाषण का समापन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता के साथ किया।
रात 10 बजे तक चलेगी संसद की कार्यवाही
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर चर्चा जारी है। इसके मद्देनज़र, सदन की कार्यवाही का समय बढ़ाकर रात 10 बजे तक कर दिया गया है।
मुसलमानों के खिलाफ बिल – इकरा हसन
सपा सांसद इकरा हसन ने कहा, “मैं स्वयं एक मुस्लिम महिला हूं और इस सदन में केवल दो मुस्लिम महिलाएं हैं। यह बिल मुसलमानों के हित में नहीं, बल्कि उन्हें समाप्त करने के लिए लाया गया है। ईद की खुशियों को फीका करना ही मोदी सरकार की असली सौगात थी।”
‘लाखों लोग सड़कों पर आ जाएंगे’ – इकरा हसन
सपा सांसद इकरा हसन ने वक्फ संशोधन बिल का विरोध करते हुए कहा कि “ऐसे लाखों लोग हैं, जो वक्फ संपत्तियों पर निर्भर हैं और इसी से अपना रोजगार चला रहे हैं।”
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “इस कानून को लागू करने से वक्फ की लाखों जायदादें अपना स्टेटस खो देंगी और लाखों लोग सड़कों पर आ जाएंगे।”
इकरा हसन ने ‘Waqf by User’ का जिक्र करते हुए समझाया कि “अगर कोई संपत्ति वर्षों से दीन और भलाई के कार्यों के लिए इस्तेमाल हो रही है, तो वह स्वतः ही वक्फ मानी जाती है। हिंदुस्तान की अदालतों ने भी इस सिद्धांत को स्वीकार किया है।”
‘पहले यूपी में मुसलमानों को नमाज पढ़ने से रोका और फिर…’ – इकरा हसन
सपा सांसद इकरा हसन ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल का विरोध करते हुए कहा कि “पहले उत्तर प्रदेश में मुसलमानों को नमाज पढ़ने से रोका गया और अब सौगात में यह बिल लाया गया।”
उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा, “ईद के मौके पर एक विधवा महिला अपनी बेटी के साथ मेरे पास आई। उसने बताया कि वह वक्फ की संपत्ति में रहती है और इस बिल को लेकर इतनी चिंतित है कि कहीं उसकी संपत्ति न छीन ली जाए।”
इकरा हसन ने आगे कहा कि “वह अकेली नहीं है, बल्कि लाखों गरीब महिलाएं ऐसी हैं, जो वक्फ की संपत्तियों से अपना रोजगार चला रही हैं।”
‘मुसलमानों की पहचान को मिटाने वाला बिल’ – इकरा हसन
सपा सांसद इकरा हसन ने वक्फ संशोधन बिल का विरोध करते हुए कहा कि “इस बिल के माध्यम से मुस्लिम महिलाओं को कोई लाभ नहीं दिया जा रहा है। सरकार केवल मुस्लिम महिलाओं का नाम लेकर मीडिया में एक विशेष नैरेटिव बनाना चाहती है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि “यह बिल मुसलमानों की भलाई के लिए नहीं, बल्कि उनकी पहचान मिटाने के लिए लाया गया है।”
‘पीएम मोदी ने पूरी की लालू यादव की इच्छा’ – अमित शाह
लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने वक्फ संशोधन विधेयक पर बोलते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव ने खुद वक्फ संपत्तियों की लूट पर चिंता जताई थी और सख्त कानून लाने की मांग की थी।
शाह ने कहा, “लालू यादव ने तब कहा था कि सरकार की इस पहल का वे स्वागत करते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकारी और गैर-सरकारी सारी जमीनें हड़प ली गई हैं। वक्फ बोर्ड के कुछ लोगों ने प्राइम लैंड बेच दी, पटना के डाक बंगले की सारी संपत्ति पर अपार्टमेंट बन गए, और लूट-खसोट मची हुई है।”
अमित शाह ने तंज कसते हुए कहा, “लालू जी की यह इच्छा कांग्रेस ने पूरी नहीं की, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी कर दी।”
गृह मंत्री अमित शाह ने समझाया वक्फ का मतलब
लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने वक्फ का अर्थ समझाते हुए कहा कि वक्फ एक अरबी शब्द है, जिसका इतिहास कुछ हदीसों से जुड़ा हुआ मिलता है। उन्होंने बताया कि “आज जिस अर्थ में वक्फ का प्रयोग किया जाता है, वह अल्लाह के नाम पर संपत्ति के दान से जुड़ा हुआ है, जो पवित्र धार्मिक उद्देश्यों के लिए दिया जाता है।”
शाह ने कहा कि वक्फ की समकालीन अवधारणा इस्लाम के दूसरे खलीफा उमर के समय अस्तित्व में आई। इसे आज की भाषा में समझाते हुए उन्होंने कहा, “वक्फ एक प्रकार का चैरिटेबल एन्लिस्टमेंट (दान स्वरूप पंजीकरण) है, जिसमें व्यक्ति अपनी संपत्ति या भूमि को धार्मिक और सामाजिक कल्याण के लिए दान करता है, जिसे वह वापस नहीं ले सकता।”
‘सिर्फ घोषणा मात्र से वक्फ नहीं बनेगी जमीन’ – अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि यह विधेयक जमीनों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि “अब किसी भी जमीन को सिर्फ घोषणा मात्र से वक्फ नहीं बनाया जा सकेगा।”
शाह ने कहा कि “सरकार पुरातत्व विभाग (ASI) और अन्य महत्वपूर्ण संपत्तियों की सुरक्षा करेगी, साथ ही आम आदमी की निजी संपत्ति को भी सुरक्षित रखा जाएगा।”
‘स्वीकार करना पड़ेगा कानून’ – अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में स्पष्ट रूप से कहा कि “एक सदस्य ने दावा किया कि अल्पसंख्यक इस कानून को स्वीकार नहीं करेंगे, लेकिन संसद द्वारा बनाया गया कानून सभी को मानना ही पड़ेगा।”
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “कैसे कोई यह कह सकता है कि वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे? यह भारत सरकार का कानून है और इसे सभी को मानना अनिवार्य होगा।”
‘वक्फ की जमीन बताकर मस्जिद बनाने का काम हुआ’ – अमित शाह
लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में वक्फ की जमीन बताकर मस्जिद बनाने का काम किया गया। उन्होंने तमिलनाडु से लेकर कर्नाटक तक के कई उदाहरण पेश किए, जहां वक्फ संपत्तियों को लेकर अनियमितताएं सामने आई हैं।
शाह के इन बयानों पर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया और सरकार पर सदन को भ्रमित करने का आरोप लगाया।
संसद में अमित शाह ने किया लालू यादव का जिक्र
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में चर्चा के दौरान कहा कि 2001 से 2012 तक एक लाख करोड़ रुपये की संपत्ति लीज पर दी गई। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का हवाला देते हुए कहा कि “लालू यादव ने 2013 में खुद स्वीकार किया था कि जमीन हड़पी जा रही है और उन्होंने भी इस पर कड़ा कानून लाने की बात कही थी।”
अमित शाह ने यह भी कहा कि “लालू यादव ने अवैध कब्जों को मुक्त कराने की जरूरत बताई थी, लेकिन अब विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है।”
‘जहां वक्फ की घोषणा हो, उसकी जांच होनी चाहिए’ – अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि वक्फ में गैर-मुस्लिम सदस्य शामिल नहीं होगा और मुतव्वली भी कोई गैर-मुस्लिम व्यक्ति नहीं बनेगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “ऑडिट से पारदर्शिता आएगी और जहां भी वक्फ की घोषणा होती है, वहां यह जांच जरूरी होनी चाहिए कि वह जमीन सरकारी है या नहीं।”
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि “इस सत्यापन का अधिकार केवल कलेक्टर के पास होना चाहिए, कोई अन्य व्यक्ति इसकी जांच नहीं कर सकता।”
अमित शाह ने बताया, सरकार क्यों लाई वक्फ बिल
लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने वक्फ संशोधन बिल पर सफाई देते हुए कहा कि “धार्मिक क्रियाकलापों के संचालन के लिए गैर-मुस्लिमों को शामिल नहीं किया जा रहा है। विपक्ष सिर्फ डर फैलाकर अपना वोटबैंक सुरक्षित रखना चाहता है।”
अमित शाह ने कहा कि अगर 2013 में कांग्रेस सरकार द्वारा किया गया संशोधन नहीं लाया गया होता, तो आज यह स्थिति नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने दिल्ली के लुटियंस इलाके की 125 संपत्तियां वक्फ को दे दी थीं, जिसके कारण आज इस बिल की जरूरत पड़ी।
‘सरकारी संपत्ति का दान नहीं कर सकते’ – अमित शाह
लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वक्फ संशोधन बिल को लेकर जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया, “हम सिर्फ उन्हीं संपत्तियों का दान कर सकते हैं, जो हमारी खुद की हैं। सरकारी संपत्ति का दान नहीं किया जा सकता।” शाह ने विपक्ष पर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर पूरी पारदर्शिता रख रही है।
केसी वेणुगोपाल ने अनुराग ठाकुर को दिया जवाब
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर लगाए गए आरोपों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने ठाकुर पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए उनसे अपने दावों के सबूत पेश करने की मांग की।
वेणुगोपाल ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान का जिक्र करते हुए कहा, “रिजिजू जी बार-बार कह रहे थे कि यह बिल किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, लेकिन आप वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल कर रहे हैं।” उन्होंने वैष्णो देवी टेंपल एक्ट का हवाला देते हुए कहा, “किसी भी मंदिर में मुस्लिम या ईसाई सदस्य को वोटिंग का अधिकार नहीं है, तो फिर वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्य क्यों?”
लोकसभा की कार्यवाही रात 8 बजे तक बढ़ी
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने घोषणा की कि सदन की कार्यवाही को रात 8 बजे तक बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर बोलने के इच्छुक सदस्यों की सूची लंबी है, इसलिए कार्यवाही का समय बढ़ाया जा रहा है।
‘केरल में वक्फ का कहर जारी है’ – अनुराग ठाकुर
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने संसद में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में “लाल टोपी वालों के काले कारनामे” हैं। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर तंज कसते हुए ठाकुर ने कहा, “केरल में ये खुद को वायनाड का बेटा-बेटी बताते हैं, लेकिन वहां भी वक्फ का कहर जारी है।” उन्होंने विपक्ष पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि “पापी वोट बैंक का सवाल है, इसलिए आप वायनाड में भी कुछ नहीं करते।”
‘बीजेपी सांसद ने सदन में दिलाई लालू यादव की याद’ – अनुराग ठाकुर
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने संसद में अपने भाषण के दौरान लालू प्रसाद यादव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद ने एक बार कहा था कि पटना के डाक बंगले की जमीन भी वक्फ बोर्ड ने हड़प ली। ठाकुर ने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड ने सरकारी और गैर-सरकारी जमीनों पर कब्जा कर लिया है। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने मुसलमानों का भला नहीं किया, बल्कि सिर्फ उन्हें वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया।
‘घोटाले में खरगे का नाम’ – अनुराग ठाकुर
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने संसद में वक्फ को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वक्फ ने लोगों के अधिकार छीने हैं और यह विधेयक किसी कानून से ज्यादा उम्मीद की तरह है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने 450 करोड़ रुपये इकट्ठा किए, लेकिन उसका सही हिसाब नहीं दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस ने किसी मस्जिद या वक्फ से पैसा लिया? साथ ही, उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक में हुए घोटालों में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम आता है और उनके पास इसके सबूत भी हैं।
‘देश में मुगलिया फरमान नहीं चलेगा’ – अनुराग ठाकुर
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में संविधान का राज चलेगा, न कि कोई मुगलिया फरमान। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने मुसलमानों को केवल वोट बैंक का एटीएम बना रखा है। ठाकुर ने कहा कि जमीन विवाद के नाम पर “लैंड जिहाद” बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और देश में सिर्फ एक ही कानून चलेगा।
‘वक्फ अत्याचार का अड्डा बन गया’ – अनुराग ठाकुर
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने संसद में कहा कि वक्फ में बदलाव का समय आ गया है, क्योंकि यह अत्याचार का अड्डा बन चुका है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह एक बार फिर जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रही है। ठाकुर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अब फैसला करना होगा कि वे वक्फ के साथ खड़े हैं या संविधान के साथ।
‘हमें सौगात-ए-मोदी में ईद सेवइयां नहीं चाहिए’ – इमरान मसूद
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने संसद में कहा कि हमारा संविधान सहिष्णुता का पाठ पढ़ाता है और हमें इसे कमजोर नहीं करना चाहिए, क्योंकि यही हमें संरक्षण देता है। उन्होंने संविधान को बाबा साहेब के सपनों का दस्तावेज बताया। मसूद ने आरोप लगाया कि सरकार की नजर जमीनों पर है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हाल ही में हमें “सौगात-ए-मोदी” मिली, लेकिन हमें ईद की सेवइयां नहीं चाहिए, बल्कि शिक्षा और रोजगार चाहिए।
‘यूपी में वक्फ की संपत्ति को सरकारी घोषित किया गया’ – इमरान मसूद
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने संसद में कहा कि उत्तर प्रदेश में वक्फ की संपत्तियों को सरकारी संपत्ति घोषित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों पर विभिन्न शर्तें लागू की जा रही हैं और कई स्थानों पर वक्फ संपत्तियों को सरकारी बताया गया है। मसूद ने दावा किया कि यह कदम मुसलमानों को कानूनी मामलों में उलझाने की साजिश है।
‘वक्फ को मुसलमान ही समझता है’ – इमरान मसूद
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने संसद में बयान देते हुए कहा कि जो लोग आज वक्फ पर बोल रहे हैं, वे इसका सही अर्थ तक नहीं जानते। उन्होंने कहा कि वक्फ को सिर्फ मुसलमान ही समझ सकता है और जानता है। मसूद ने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 78 फीसदी वक्फ जमीन को सरकारी संपत्ति घोषित कर दिया गया है।
‘वीर सावरकर को गाली देने वालों से सवाल करने की हिम्मत नहीं’ – श्रीकांत शिंदे
शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि शिवसेना (यूबीटी) में वीर सावरकर को गाली देने वालों से सवाल पूछने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बिल को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। यह बिल किसी धर्म की दीवार खड़ी करने के लिए नहीं, बल्कि विकास का द्वार खोलने के लिए लाया गया है। विपक्ष इस बिल का विरोध सिर्फ अपने पाप छिपाने के लिए कर रहा है।
‘अगर बाला साहेब होते तो…’, श्रीकांत शिंदे ने विपक्ष पर साधा निशाना
शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने संसद में विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के रुख से हैरानी हो रही है। उन्होंने कहा, “अगर बाला साहेब होते तो उन्हें इस रुख से दुख होता। वक्फ बिल पर गलतफहमी फैलाई जा रही है।”
“अयोध्या में कई मंदिर तोड़े गए” – शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा,
“मैं खुद भी जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) में था, लेकिन दुर्भाग्य से वहां कभी क्लॉज-बाई-क्लॉज चर्चा नहीं हुई।”
उन्होंने अयोध्या का जिक्र करते हुए कहा, “अयोध्या में कई मंदिर तोड़े गए, मूर्तियां तोड़ी गईं, लेकिन जब लोगों ने आपको अपनी ताकत दिखा दी, तो अब आप इसे सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।”
सावंत ने साफ कहा, “जनता ने आपको आपकी जगह दिखा दी है, इसलिए यह मत समझिए कि आपकी हर बात सही है।”
“बीजेपी हमें हिंदुत्व न सिखाए” – शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा, “आपके मन में कुछ और ही है, असली मकसद जमीन हड़पना है। सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है।”
सावंत ने जोर देकर कहा, “बीजेपी हमें हिंदुत्व न सिखाए। हम उसी राज्य से आते हैं, जहां से छत्रपति शिवाजी महाराज ने हिंदुत्व को परिभाषित किया था।”
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “इस बिल के जरिए न्याय देने की मंशा नहीं है, बल्कि यह सिर्फ एक राजनीतिक एजेंडा है।”
साथ ही उन्होंने इतिहास की ओर इशारा करते हुए कहा, “देश की आजादी में बीजेपी का कोई योगदान नहीं था।”
“अगर हमारे मंदिर में गैर-हिंदू को लाने की कोशिश हुई तो…” – शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने तीखा बयान दिया।
उन्होंने कहा, “इस देश की आजादी के लिए जिन्होंने कुछ नहीं किया, दुर्भाग्य है कि वही लोग आज सरकार चला रहे हैं।”
सावंत ने साफ शब्दों में कहा, “अगर हमारे मंदिर में किसी गैर-हिंदू को लाने की कोशिश हुई, तो शिवसेना इसका कड़ा विरोध करेगी।”
उन्होंने कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए पूछा, “कितने हिंदू वापस आए? वहां जमीन कौन खरीद रहा है? क्या उसके लिए कोई बिल ला रहे हो? पहले इसका जवाब दो।”
“जेडीयू वक्फ बिल का समर्थन करती है” – ललन सिंह
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान जेडीयू सांसद ललन सिंह ने इस बिल का पुरजोर समर्थन किया।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “यह कौन-सा कानून है कि वक्फ बोर्ड ने जिस संपत्ति पर हाथ रख दिया, वह उसकी हो गई?”
ललन सिंह ने तंज कसते हुए कहा, “अगर विपक्ष को पारदर्शिता से चिढ़ है, नफरत है… तो इसमें पीएम मोदी क्या करें?”
उन्होंने साफ किया कि “जदयू इस विधेयक का पूर्ण समर्थन करती है, क्योंकि यह पारदर्शिता लाने और गलत इस्तेमाल रोकने के लिए जरूरी है।”
“कल को राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम कोर्ट को भी वक्फ की संपत्ति बता दिया जाता!” – जेडीयू सांसद
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान जेडीयू सांसद ने इस बिल का समर्थन करते हुए कहा कि यह पूरी पारदर्शिता के साथ लाया गया है।
उन्होंने कहा, “यह विधेयक धन के दुरुपयोग को रोकने और गरीब, पिछड़े मुसलमानों के हक की रक्षा करने के लिए है। इसका विरोध नहीं, बल्कि स्वागत होना चाहिए।”
सांसद ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की सराहना करते हुए कहा, “उन्होंने धारा 40 को खत्म कर दिया, जिससे अब कोई भी सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रपति भवन या लोकसभा की बिल्डिंग को वक्फ संपत्ति बताने का दावा नहीं कर सकता।”
“विपक्ष पसमांदा मुस्लिमों के खिलाफ क्यों?” – ललन सिंह
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने विपक्ष पर सीधा हमला बोला।
उन्होंने कहा, “पसमांदा मुस्लिम अब नरेंद्र मोदी के साथ खड़े होंगे, क्योंकि इस विधेयक के जरिए उन्हें उनका हक दिया जा रहा है।”
ललन सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए पूछा, “आखिर विपक्ष पसमांदा मुस्लिमों के खिलाफ क्यों है?”
उन्होंने आगे कहा, “पीएम मोदी भारत को विकसित देश बनाना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष केवल धर्म के नाम पर देश को बांटने की राजनीति कर रहा है। यह अब नहीं चलने वाला।”
“विपक्ष पसमांदा मुस्लिमों के खिलाफ क्यों है?” – ललन सिंह
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने विपक्ष पर बड़ा आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “पसमांदा मुस्लिम नरेंद्र मोदी के साथ खड़े होंगे, क्योंकि यह बिल उनके हक में है।”
ललन सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा, “विपक्ष पसमांदा मुस्लिमों के खिलाफ क्यों है? यह विधेयक उनके अधिकारों को मजबूत कर रहा है।”
उन्होंने पीएम मोदी की विकास नीति की तारीफ करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री मोदी देश को विकसित बनाना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष धर्म के आधार पर देश को बांटने की राजनीति कर रहा है, जो अब नहीं चलने वाला।”
“20 साल में नीतीश कुमार ने मुसलमानों के लिए काम किया” – ललन सिंह
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा,
“नीतीश कुमार ने पिछले 20 सालों में मुसलमानों के लिए काम किया है। वह वोट बैंक की राजनीति नहीं करते।”
उन्होंने आगे कहा, “बिहार में जो भी विकास कार्य हुए, वह बीजेपी के साथ मिलकर किए गए। भागलपुर दंगे के पीड़ितों को न्याय दिलाने में भी नीतीश कुमार ने अहम भूमिका निभाई।”
ललन सिंह ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि “जो लोग केवल चुनाव के समय मुसलमानों की बात करते हैं, वे इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं।”
“पीएम मोदी का चेहरा पसंद नहीं तो मत देखिए, लेकिन उनकी तारीफ करें” – जेडीयू सांसद ललन सिंह
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान जेडीयू सांसद ललन सिंह ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला।
उन्होंने कहा, “अगर आपको पीएम मोदी का चेहरा पसंद नहीं है तो मत देखिए, लेकिन उनकी तारीफ तो कीजिए।”
ललन सिंह ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा, “जो लोग अपने वोट बैंक के लिए मुसलमानों का इस्तेमाल करते हैं, वही इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि “अगर पीएम मोदी ने मुसलमानों के कल्याण के लिए कुछ अच्छा किया है, तो उसकी सराहना होनी चाहिए।”
“वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं” – जेडीयू सांसद ललन सिंह
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान जेडीयू सांसद ललन सिंह ने विपक्ष पर भ्रामक माहौल बनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “विपक्ष ऐसा दिखा रहा है जैसे यह विधेयक मुस्लिमों के खिलाफ है, जबकि हकीकत इससे अलग है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि “वक्फ एक ट्रस्ट की तरह है, जिसे मुसलमानों के हक में काम करने के लिए बनाया गया है, लेकिन यह कोई धार्मिक संस्था नहीं है।”
ललन सिंह ने विधेयक के प्रावधानों को तर्कसंगत बताते हुए विपक्ष पर अनावश्यक राजनीति करने का आरोप लगाया।
“विपक्ष मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक मानता है” – टीडीपी सांसद कृष्णा प्रसाद
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान टीडीपी सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने विपक्ष पर करारा प्रहार किया।
उन्होंने कहा, “विपक्ष मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक के रूप में देखता है, जबकि हमारी पार्टी उन्हें इस देश का अभिन्न अंग मानती है।”
तेन्नेटी ने आगे कहा, “हम मुस्लिम समुदाय के वास्तविक कल्याण की बात करते हैं, न कि सिर्फ चुनावी फायदे के लिए उनके मुद्दे उठाते हैं।”
टीडीपी सांसद ने विधेयक में संशोधन की जरूरत पर जोर दिया, ताकि यह अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा कर सके और उनके विकास में मददगार साबित हो।
“माइनॉरिटी के लाइफस्टाइल में सुधार की जरूरत” – टीडीपी सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान टीडीपी सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि “माइनॉरिटी समुदाय के लाइफस्टाइल में सुधार की जरूरत है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि “हमारी पार्टी चाहती है कि वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल मुस्लिम महिलाओं के उत्थान के लिए हो।”
तेन्नेटी ने बताया कि “टीडीपी ने इस बिल को लेकर तीन अहम संशोधन प्रस्तावित किए हैं,” जिससे अल्पसंख्यकों को वास्तविक लाभ मिल सके।
“वक्फ पर बड़े लोगों का कब्जा” – बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा,
“जब मैं उत्तर प्रदेश में मंत्री था, तब वक्फ विभाग मेरे पास था। वहां 90% सिर्फ मुकदमे ही थे, कोई समाधान नहीं।”
उन्होंने मथुरा के वक्फ संपत्तियों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया, “क्या इनमें समाज के लिए कोई काम हो रहा है? एक ही जमीन पर कई मुकदमे चल रहे हैं, जिनका समाधान जरूरी है।”
आरिफ मोहम्मद खान ने साफ कहा, “आज वक्फ पर बड़े लोगों का कब्जा है, गरीबों को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा।” उनका यह बयान वक्फ प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है और बहस को और तेज कर सकता है।
“मुसलमानों के अधिकार दबाने की कोशिश” – TMC सांसद कल्याण बनर्जी
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी ने सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि “देश के मुसलमानों के अधिकारों को दबाने की कोशिश की जा रही है।”
उन्होंने कहा, “यह प्रस्तावित कानून हिंदू और मुस्लिम समुदायों को अलग करने का प्रयास है।”
बनर्जी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, “धार्मिक कर्तव्यों का निर्वहन किसी भी कानून का आधार नहीं हो सकता।”
TMC सांसद ने विधेयक को समाज को बांटने वाला करार देते हुए इसका कड़ा विरोध किया।
“सदन की सदस्यता से दे दूंगा इस्तीफा” – ए राजा का बड़ा बयान
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान डीएमके सांसद ए राजा ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के भाषण को खारिज करते हुए कहा,
“उन्हें इतनी बेतुकी कहानी कहने की हिम्मत कहां से मिली? अगर उनका भाषण जेपीसी रिपोर्ट से मेल खाता है, तो मैं सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा!”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि “इस बिल को पेश करने के लिए सरकार को एक भी मुस्लिम सांसद नहीं मिला।”
ए राजा ने कहा कि “आज यह तय होगा कि देश धर्मनिरपेक्ष मूल सिद्धांतों पर चलेगा या सांप्रदायिक ताकतों के हाथों में जाएगा।” उनका यह बयान सदन में बहस का केंद्र बन गया।
वक्फ बिल पर एमके स्टालिन ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, बिल वापस लेने की मांग
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को पूरी तरह वापस लेने का आग्रह किया।
स्टालिन ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि यह विधेयक संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव के खिलाफ है। उन्होंने इसे अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला बताया और सरकार से तुरंत इस बिल को रद्द करने की मांग की।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से प्रस्तावित वक्फ विधेयक 2024 को पूरी तरह वापस लेने का आग्रह किया। pic.twitter.com/fSIZmiFerx
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 2, 2025
“भू-माफिया के पेट में हो रहा दर्द” – वक्फ बिल पर बोले केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “आज किरेन रिजिजू ने उन तमाम अफवाहों पर विराम लगा दिया, जिन्हें समाजवादी पार्टी और कांग्रेस फैला रही थी।”
बघेल ने कहा कि “विधेयक की विशेषताओं को स्पष्ट कर दिया गया है और रिजिजू ने आश्वस्त किया है कि इससे आम मुसलमानों को फायदा होगा।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि “इस बिल का विरोध वही लोग कर रहे हैं, जो भू-माफिया हैं और जिनके निजी स्वार्थ इससे प्रभावित हो रहे हैं।”
“वक्फ प्रॉपर्टी मुस्लिम समुदाय की बैकबोन” – कल्याण बनर्जी
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “यह बिल संविधान के खिलाफ है और इसमें संशोधन करना संवैधानिक ढांचे पर सीधा प्रहार है।”
बनर्जी ने आरोप लगाया कि “भाजपा वक्फ संपत्तियों पर राजनीति कर रही है।” उन्होंने कहा कि वक्फ प्रॉपर्टी मुस्लिम समुदाय के लिए बैकबोन की तरह है और इस बिल में किए जा रहे बदलाव इस्लामिक परंपराओं और संस्कृति पर हमला हैं।
उन्होंने वक्फ एक्ट 1995 का जिक्र करते हुए कहा कि यह कानून इस्लामिक सिद्धांतों के अनुरूप बनाया गया था और अब भाजपा इसे कमजोर कर मुस्लिमों के अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है, जो असंवैधानिक है।
टीएमसी ने इस बिल का कड़ा विरोध जताया और इसे तुरंत वापस लेने की मांग की।
“वक्फ से ज्यादा जरूरी वो जमीन, जहां चीन ने गांव बसा लिए” – अखिलेश यादव
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “यह बिल करोड़ों लोगों से मकान-दुकान छीनने की साजिश है।”
उन्होंने बिल पेश करने वाले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से तीखा सवाल किया, “वक्फ की जमीन से ज्यादा जरूरी हमारी वो जमीन है, जिस पर चीन ने अपने कई गांव बसा लिए हैं।”
अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि रिजिजू खुद अरुणाचल प्रदेश से आते हैं, जहां चीन लगातार अपना विस्तार कर रहा है। उन्होंने सरकार से जवाब मांगा कि इस मुद्दे पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है। उनके बयान से सदन में हलचल मच गई।
“वक्फ से ज्यादा जरूरी हमारी वो जमीन, जहां चीन ने गांव बसा लिए” – अखिलेश यादव
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “यह बिल करोड़ों लोगों से मकान-दुकान छीनने की साजिश है।”
अखिलेश ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पर निशाना साधते हुए पूछा, “वक्फ की जमीन से ज्यादा जरूरी हमारी वो जमीन है, जिस पर चीन ने अपने कई गांव बसा लिए हैं।”
उन्होंने याद दिलाया कि रिजिजू खुद अरुणाचल प्रदेश से आते हैं, जहां चीन लगातार अपना विस्तार कर रहा है। अखिलेश के इस बयान से सदन में हंगामा मच गया।
“1000 हिंदू तो खो गए, कहां हैं वो?” – अखिलेश यादव का BJP पर हमला
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा, “ये लोग नोटबंदी लेकर आए, लेकिन क्या हुआ? गंगा-यमुना साफ हुई? गोद लिए गांवों का क्या हुआ?”
उन्होंने ईद पर लगी पाबंदियों को लेकर भी सवाल उठाया, “ईद पर सभी धर्मों के नेता जाते हैं, लेकिन इस बार पाबंदी थी। क्या संविधान यही सिखाता है?”
अखिलेश यादव ने भाजपा पर नई नीतियों के जरिए अपनी नाकामी छुपाने का आरोप लगाते हुए कहा, “महाकुंभ में बिना तैयारी के 100 करोड़ लोगों को बुला लिया गया। क्या सबको पता है कि उसमें कितने लोगों की जान गई? 1000 हिंदू तो खो गए, कहां हैं वो?”
उनके इस बयान से सदन में माहौल गरमा गया और भाजपा नेताओं ने इसका कड़ा विरोध किया।
अखिलेश यादव के तंज पर अमित शाह क्यों खड़े हो गए?
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “बीजेपी के अंदर मुकाबला चल रहा है कि सबसे खराब हिंदू कौन है?”
अखिलेश ने भाजपा के नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा, “ये लोग अभी तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष तक नहीं चुन पाए!”
उनका इतना कहना था कि अमित शाह तुरंत सीट से खड़े हो गए और जवाब दिया, “हमें अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष 5 लोगों के परिवार में से नहीं चुनना!”
इस तीखी नोकझोंक से सदन में माहौल गर्मा गया।
“आज एक समुदाय की जमीन पर नजर, कल दूसरे पर होगी” – गौरव गोगोई
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर बोलते हुए कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “आज उनकी नजर एक खास समुदाय की जमीन पर है, कल वे दूसरे अल्पसंख्यकों की जमीन पर नजर डालेंगे।”
गोगोई ने सरकार पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा कानून में महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़े प्रावधान पहले से ही मौजूद हैं। फिर सरकार इसे नया सुधार बताकर क्यों पेश कर रही है?
उन्होंने वक्फ बोर्ड के राजस्व में कटौती पर सवाल उठाते हुए कहा, “सरकार सुधार की बात तो करती है, लेकिन जो राजस्व वक्फ बोर्ड को मिलना चाहिए था, उसे 7% से घटाकर 5% कर दिया। आखिर इसे कम क्यों किया गया? क्या सरकार नहीं चाहती कि वक्फ बोर्ड बेहतर तरीके से काम करे?”
गोगोई ने सरकार को सुझाव दिया कि राजस्व घटाने के बजाय इसे 7% से बढ़ाकर 11% किया जाए ताकि वक्फ संपत्तियों का सही प्रबंधन हो सके।
लोकसभा में रविशंकर प्रसाद ने अखिलेश यादव को क्या कहा?
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने पर भी ऐसा ही विरोध हुआ था, लेकिन आज देखिए, लाल चौक पर तिरंगा लहराता है। उन्होंने सवाल किया कि “क्या देश को सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए आगे बढ़ाया जाएगा? अब यह सब नहीं चलेगा!”
उन्होंने CAA का जिक्र करते हुए कहा कि उसके खिलाफ भी विपक्ष ने इसी तरह विरोध किया था। इसके बाद, अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, “राजीव गांधी के बाद आपको एक बार भी बहुमत नहीं मिला, लेकिन देखिए मोदी जी को कितनी बार मिला!”
उन्होंने चुनौती भरे अंदाज में कहा, “दिल्ली के बाद अब बिहार की बारी है!”
“आपको दिक्कत क्या है?” – विपक्ष के आरोपों पर रविशंकर प्रसाद का जवाब
लोकसभा में विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि धारा 15 में साफ लिखा है कि महिलाओं के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। उन्होंने यह भी बताया कि पसमांदा समाज, जिसे पहले कोई लाभ नहीं मिलता था, अब इस कानून के तहत उन्हें अधिकार दिए जाएंगे। फिर विपक्ष को इस पर दिक्कत क्यों है?
उन्होंने वक्फ संपत्तियों को लेकर कहा कि “अगर वक्फ की जमीन पर अवैध कब्जे हो रहे हैं, तो कुछ न कुछ तो करना पड़ेगा। वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं है। अगर इस कानून से जमात के लोगों का भला हो रहा है, तो विपक्ष को आपत्ति क्यों है?”
रविशंकर प्रसाद ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष दिल से सुधार चाहता तो है, लेकिन राजनीति उन्हें पीछे खींच रही है।
संसद में अमेरिकी रिपोर्ट का जिक्र, गौरव गोगोई का BJP पर हमला
लोकसभा में चर्चा के दौरान गौरव गोगोई ने अमेरिका के रिलिजियन कमीशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जब इस रिपोर्ट में भारत में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अन्याय की बात कही जाती है, तब भाजपा को दुःख क्यों होता है?
उन्होंने जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष के किसी भी संशोधन को स्वीकार नहीं किया गया। गोगोई ने कहा, “हमने कई जेपीसी देखी हैं, लेकिन ऐसी जेपीसी कभी नहीं देखी, जहां वक्फ से जुड़े मामलों पर चर्चा करने वालों को इसकी बुनियादी जानकारी तक नहीं थी।”
उन्होंने आंध्र प्रदेश के कानून का जिक्र करते हुए भाजपा नेताओं से सवाल किया कि जिस प्रावधान को उनकी सरकार हटाने जा रही है, उसका जवाब वे कैसे देंगे? गोगोई ने भाजपा पर नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष इस मानसिकता के खिलाफ मजबूती से खड़ा है।
“लोकसभा में आपके कितने अल्पसंख्यक MP?” – गौरव गोगोई का BJP से सवाल
संसद में चर्चा के दौरान विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूछा, “लोकसभा में आपके कितने अल्पसंख्यक सांसद हैं?”
गोगोई ने आरोप लगाया कि भाजपा की नजर पहले एक समुदाय की जमीन पर है, और आगे चलकर दूसरे समुदायों की जमीन पर भी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बिल से कानूनी विवाद और बढ़ेंगे, जिससे भाईचारे का माहौल खराब होगा। उन्होंने इसे भाजपा की सोची-समझी राजनीतिक साजिश बताया।
“अल्पसंख्यकों के प्रति संवेदना दिखावटी” – गौरव गोगोई
लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने वक्फ संशोधन बिल का विरोध करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज भाजपा मुसलमानों के हित की बात कर रही है, लेकिन ईद के दौरान क्या उन्होंने मुसलमानों को सड़कों पर नमाज पढ़ने दी थी?
गोगोई ने इस बिल को पूरी तरह भ्रामक बताते हुए कहा कि यह जनता को गुमराह करने की साजिश है।
गौरव गोगोई का आरोप – यूपीए सरकार पर दिए गए बयान भ्रामक
लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने यूपीए सरकार को लेकर जो भी बातें कहीं, वे पूरी तरह झूठी हैं। गोगोई ने मांग की कि रिजिजू अपने दावों को प्रमाणित करें।
वक्फ संशोधन बिल पर बोलते हुए गोगोई ने इसे संविधान के मूल ढांचे पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा रवैया संघीय ढांचे को कमजोर करने वाला है और इसका मकसद सिर्फ भ्रम फैलाना और समाज को बांटना है।
उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि आज वे अल्पसंख्यकों के प्रति संवेदना जता रहे हैं, जबकि कुछ दिन पहले देशभर में ईद के मौके पर उनकी डबल इंजन सरकारों ने लोगों को नमाज तक पढ़ने नहीं दी। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा के पास खुद कितने अल्पसंख्यक सांसद हैं?
किरेन रिजिजू का विपक्ष पर सीधा हमला
किरेन रिजिजू ने साफ किया कि यह कानून किसी की जमीन छीनने के लिए नहीं है और सरकार न्यायालय की शक्तियों को प्रभावित नहीं कर सकती। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यही लोग पहले CAA का भी विरोध कर रहे थे और उस समय कहा गया था कि मुसलमानों की नागरिकता छीन ली जाएगी। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि क्या वे अब माफी मांगेंगे क्योंकि उस समय उन्होंने जनता से झूठ बोला था।
मुजफ्फरनगर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश होने के बाद मुजफ्फरनगर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सड़कों पर डीएम और एसएसपी खुद उतरे, जबकि मुस्लिम बहुल इलाकों में पुलिस ने चप्पे-चप्पे पर निगरानी बढ़ा दी है। भारी पुलिस बल के साथ मुस्लिम इलाकों में फ्लैग मार्च किया गया ताकि किसी भी तरह की अराजकता को रोका जा सके। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों की मदद से कड़ी निगरानी रखी जा रही है। मौलाना मुफ्ती ने भी जनपदवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। इसके अलावा पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है और माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
वक्फ बोर्ड में क्या-क्या होगा?
वक्फ बोर्ड में कुल 10 सदस्य मुस्लिम समुदाय से होंगे, जिनमें से दो महिलाओं का होना अनिवार्य है। इसके अलावा बोर्ड में तीन सांसद शामिल होंगे जबकि एक सदस्य बार काउंसिल से होगा। दो प्रोफेशनल्स को भी बोर्ड में स्थान मिलेगा ताकि विविध क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके। बोर्ड में मुसलमानों के हर वर्ग के सदस्य शामिल किए जाएंगे लेकिन गैर-मुस्लिम सदस्यों की संख्या चार से अधिक नहीं हो सकती।
बिल नहीं लाएंगे तो संसद भी वक्फ का हो जाएगा- किरेन रिजिजू
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बयान देते हुए कहा कि यदि आज यह बिल नहीं लाया जाता तो संसद भवन भी वक्फ की संपत्ति बन जाता क्योंकि वक्फ ने इस पर दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार के दौरान दिल्ली में 123 संपत्तियां वक्फ को दी गई थीं। इस बयान के बाद लोकसभा में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया।
चंदौली में भी पुलिस हाई अलर्ट
चंदौली में पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है खासतौर पर लोकसभा में पेश होने वाले वक्फ संशोधन बिल को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी भ्रामक या भड़काऊ जानकारी को फैलने से रोका जा सके। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है जबकि संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
कांग्रेस ने कांग्रेस की आपत्ति का जवाब देते हुए क्या बोले शाह?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कांग्रेस की आपत्ति का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस के समय कमेटियां सिर्फ औपचारिक मुहर लगाने का काम करती थीं, जबकि हमारी कमेटियां पूरी तरह लोकतांत्रिक हैं।
लोकसभा में पेश हुआ वक्फ संशोधन विधेयक
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया और चर्चा की शुरुआत की। विधेयक पेश होने से पहले विपक्ष ने सदन में जोरदार आपत्ति जताई जिसके चलते हंगामे की स्थिति बन गई।
कानपुर में हाई अलर्ट.. 4000 पुलिसकर्मी तैनात
वक्फ संशोधन बिल को लेकर कानपुर को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है। दंगा नियंत्रण स्कीम को एक दिन पहले ही लागू कर दिया गया था जबकि आज, 2 अप्रैल, संसद में यह बिल पेश किया जाएगा। ईद से पहले जुम्मा की नमाज के दौरान लोगों ने काली पट्टी बांधकर इस बिल का विरोध किया था। संवेदनशील इलाकों में पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है वहीं 4000 से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है। सभी जोनों के डीसीपी और एडीसीपी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पैदल मार्च कर रहे हैं। कानपुर में कुल 1,669 वक्फ संपत्तियां हैं जिनमें से 548 संपत्तियों के मामले राजस्व विभाग को सौंपे जा चुके हैं।
वक्फ बिल को लेकर संभल में हाई अलर्ट
संभल में हाई अलर्ट जारी किया गया है क्योंकि आज लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश किया जाना है। इसी बीच संभल जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली की जमानत याचिका पर भी सुनवाई होनी है। पुलिस ने 27 मार्च की केस डायरी दाखिल नहीं की थी जिसके कारण जफर अली की जमानत याचिका पहले खारिज हो गई थी। वक्फ संशोधन बिल और जफर अली की जमानत याचिका को लेकर पुलिस और प्रशासन सतर्क हैं। सदर कोतवाली और हिंसा प्रभावित इलाकों में पुलिस चौकन्नी है और हर चौराहे पर निगरानी रखी जा रही है। वक्फ बिल के मद्देनजर सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है जबकि बाजार क्षेत्रों में पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
लोकसभा में पेश होने वाला है वक्फ बिल
कुछ ही देर में लोकसभा में वक्फ बिल पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह चर्चा के दौरान सदन में मौजूद रह सकते हैं और आवश्यक होने पर बहस में हिस्सा भी ले सकते हैं।
वक्फ बिल पर बोले क्या चिराग पासवान?
वक्फ (संशोधन) बिल पर चिराग पासवान ने कहा कि इसमें सकारात्मक बदलाव किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सीएए के समय भी इसी तरह का भ्रम फैलाया गया था।
एक प्लानिंग के तहत लाया गया वक्फ बिल -AIMPLB
लोकसभा में वक्फ बिल पेश होने से पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जहां बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी अब्दुल रहीम ने कहा कि यह बिल सुनियोजित तरीके से लाया गया है। उन्होंने बताया कि जेपीसी ने भी इसका विरोध दर्ज किया था और पांच करोड़ ईमेल विरोध में भेजे गए लेकिन किसी पर विचार नहीं किया गया। अब यह बिल पहले से भी अधिक आपत्तिजनक हो गया है और यह मुसलमानों के खिलाफ है।
काले कुर्ते में संसद पहुंचे इमरान प्रतापगढ़ी
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी काले कुर्ते में संसद पहुंचे, उनके हाथ में ‘वक्फ बिल रिजेक्ट’ लिखी तख्ती थी। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने घोषणा की कि पार्टी इस बिल के खिलाफ मतदान करेगी।
मौलाना शाहबुद्दीन रज़वी ने क्या कहा?
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और मुसलमानो के जमातों के लोग मुसलमानों को डरा रहे हो जबकि वक्फ़ संशोधन बिल से मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है।
वक्फ को लेकर क्या बोले अखिलेश
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा, ‘हमारी पार्टी इसका विरोध करेगी और मतदान के दौरान भी विरोध जारी रहेगा। बीजेपी केवल वोट बैंक की राजनीति कर रही है। राम मनोहर लोहिया ने अपनी पुस्तक में लिखा था कि राजनीति कट्टर हिंदू बनाम उदारवादियों के बीच चल रही है। बीजेपी में हर नेता खुद को बड़ा नेता साबित करना चाहता है।’
आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी ने क्या कहा
केंद्रीय मंत्री और आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा, ‘हम एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस) के साथ हैं और इसके तहत व्हिप जारी कर दिया गया है।’
यूपी में हाई अलर्ट.. डीजीपी ने दिए सख्त निर्देश
वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) को लेकर उत्तर प्रदेश में तनाव की आशंका के मद्देनजर डीजीपी प्रशांत कुमार ने सभी जिलों के अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। डीजीपी ने कहा, “हम इस स्थिति के लिए पहले से तैयार हैं। सभी जिम्मेदार अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।” वाराणसी सहित कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। सोशल मीडिया पर अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अशांति को रोका जा सके।
वक्फ विधेयक पर विपक्ष का हमला
सपा, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि यह विधेयक असंवैधानिक है और मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर हमला करता है। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा ने बड़ा बयान देते हुए कहा, “सरकार इस विधेयक के जरिए एक धर्म विशेष को खुश करना चाहती है ताकि उसे वोट मिल सकें। वक्फ बोर्ड में खामियां नहीं हैं बल्कि सरकार मुसलमानों को परेशान कर रही है। वे हमारी जमीनों पर कब्जा करना चाहते हैं।” मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि सरकार चाहे तो वक्फ की जमीनों पर कब्जा कर ले लेकिन इससे मुस्लिम समुदाय को सताने की कोशिश की जा रही है।
समर्थन में उतरे सूफी कशिश वारसी
दूसरी ओर भारतीय सूफी फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूफी कशिश वारसी ने वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन करते हुए इसके विरोधियों पर निशाना साधा है। उन्होंने AIMPLB और AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी पर हमला बोलते हुए उन्हें “वक्फ माफिया” करार दिया। सूफी कशिश वारसी ने कहा, “जो लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं उनके पीछे गहरे राज हैं। इन्होंने गरीब मुसलमानों का हक छीना और वक्फ की जमीनों पर कब्जे कराए। अब इनके जेल जाने का वक्त आ गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड ने आज तक गरीब मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया, न अस्पताल बनाए, न स्कूल-कॉलेज, बल्कि वक्फ की संपत्तियों को बेच दिया। सूफी कशिश ने सरकार से अपील की कि बिल लागू होने के बाद गरीब मुसलमानों के लिए मकान, अस्पताल और स्कूल-कॉलेज बनाए जाएं।
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वक्फ और वक्फ संशोधन विधेयक क्या है?
वक्फ इस्लामिक परंपरा में एक ऐसी संपत्ति होती है, जो धार्मिक, शैक्षिक या सामाजिक उद्देश्यों के लिए दान की जाती है। भारत में वक्फ की अवधारणा दिल्ली सल्तनत के समय से चली आ रही है। कोई भी मुस्लिम व्यक्ति, जिसकी उम्र 18 साल से अधिक हो, अपनी संपत्ति को वक्फ के लिए दान कर सकता है। दान की गई संपत्ति का मालिक अल्लाह को माना जाता है लेकिन इसका प्रबंधन वक्फ बोर्ड करते हैं। वक्फ अधिनियम 1995 के तहत सभी वक्फ बोर्ड काम करते हैं। इस अधिनियम को पहली बार 1954 में पारित किया गया था जिसे 1995 में नए कानून से बदला गया और 2013 में इसमें संशोधन किया गया।
वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 में कई बदलाव प्रस्तावित हैं जिनमें वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम और महिला सदस्यों को शामिल करना, संपत्ति सर्वे का अधिकार कलेक्टर को देना, और वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती देने का प्रावधान शामिल है। सरकार का कहना है कि यह बिल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाएगा और दुरुपयोग को रोकेगा।
संसद में आज आठ घंटे की चर्चा
लोकसभा में आज वक्फ संशोधन विधेयक पर आठ घंटे की चर्चा होगी जिसके बाद इसे पारित कराने की कोशिश की जाएगी। एनडीए और विपक्ष दोनों अपने-अपने रुख पर अड़े हैं। एनडीए के पास लोकसभा में बहुमत है लेकिन विपक्ष ने इसे असंवैधानिक करार देते हुए कड़ा विरोध करने की ठानी है। इस विधेयक को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है और इसका असर उत्तर प्रदेश जैसे संवेदनशील राज्यों में साफ देखा जा रहा है।
वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) को लेकर बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। यूपी पुलिस ने कहा कि किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस विधेयक के पारित होने या न होने का असर न केवल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन पर पड़ेगा, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक माहौल पर भी इसका गहरा प्रभाव देखने को मिल सकता है।