Yogi Adityanath on Iran-Israel War:मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच चल रहा युद्ध अब पांचवें दिन में पहुंच गया है। इस संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद हुई थी। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। गोरखपुर में आयोजित होली मिलन समारोह के दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए दुनिया की मौजूदा स्थिति पर भी बात की।
भारत में उत्सव और विश्वास का माहौल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत में होली का त्योहार ऐसे समय में मनाया जा रहा है, जब दुनिया के कई हिस्सों में तनाव और अस्थिरता का माहौल है। उन्होंने कहा कि कई देशों में अव्यवस्था, अशांति और संघर्ष देखने को मिल रहा है। इसके बावजूद भारत में लोग खुशी और उत्साह के साथ त्योहार मना रहे हैं। उनके मुताबिक, देश में मजबूत नेतृत्व के कारण लोगों के बीच विश्वास और सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
हर तरफ ‘सत्यमेव जयते’ की भावना
सीएम योगी ने अपने भाषण में कहा कि आज देश में भय और अविश्वास का माहौल नहीं है। उन्होंने कहा कि हर जगह एक सकारात्मक भावना दिखाई दे रही है। लोग ‘सत्यमेव जयते’ और ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ जैसे संदेशों को याद कर रहे हैं। उनका कहना था कि जहां धर्म और सत्य होगा, वहीं जीत भी होगी। उन्होंने कहा कि यह विचार हमारे सनातन संस्कारों से जुड़े हुए हैं और आज भी समाज में इसकी गूंज सुनाई देती है।
होलिका दहन का असली संदेश
मुख्यमंत्री ने होलिका दहन के महत्व के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि होलिका दहन केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि यह एक प्रतीक है। इसका मतलब है कि इंसान को अपने अंदर के अहंकार को खत्म करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में अगर कहीं तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार या गलत काम हो रहे हों तो उन्हें खत्म करने का संकल्प लेना चाहिए। यही होलिका दहन का असली संदेश है।
अपराध और आतंक पर सख्त चेतावनी
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों और अराजक तत्वों को भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर कहीं भी आतंकवाद, उग्रवाद या अराजकता सिर उठाने की कोशिश करती है तो उसे सख्ती से खत्म किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज में शांति और व्यवस्था बनाए रखना सबसे जरूरी है।
भगवान नरसिंह का किया उल्लेख
सीएम योगी ने भगवान विष्णु के अवतार नरसिंह का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भगवान हर जगह मौजूद हैं, लेकिन इंसान को सच्चे मन से उनका भक्त बनना चाहिए। जब व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास के साथ ईश्वर की शरण में जाता है, तो उसकी प्रार्थना जरूर सुनी जाती है।






