उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर धामी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य के गृह विभाग ने राज्य में Gaura Devi Shakti mobile app के साथ-साथ राज्य में स्थापित करीब 160 महिला हेल्पडेस्क जोकि थाने व चौकियों के अधीन आते हैं, प्रभारी के पास एक सरकारी सीयूजी मोबाइल नंबर भी होगा। इस पर कोई भी महिला किसी भी आपत्ति विपरीत परिस्थितियों या किसी सूचना जानकारी के लिए भी फोन कर सकेगी। विशेष सचिव गृह अग्रवाल ने इस बात की जानकारी दी।

Gaura Shakti App के साथ करीब 160 महिला हेल्पडेस्क बनाए गए
देश में बड़ रहें महिलाओं के अपराध को देखते हुए धामी सरकार अलर्ट मोड पर आ गयी है। जिसके बाद से उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा के लिए अब एक और बड़ा फैसला लिया गया है। जहां राज्य के गृह विभाग ने राज्य सरकार की गौरा शक्ति ऐप (Gaura Shakti App) के साथ-साथ राज्य में स्थापित करीब 160 महिला हेल्पडेस्क बनाए है। जोकि थाने व चौकियों के अधीन आते हैं। यहां प्रभारी के पास एक सरकारी सीयूजी मोबाइल नंबर होगा। इस पर कोई भी महिला किसी भी आपत्ति विपरीत परिस्थितियों या किसी सूचना जानकारी के लिए भी फोन कर सकेगी।इसके अलावा महिलाएं इसके माध्यम से अपने साथ होने वाले अत्याचार और दुर्व्यवहार की शिकायत भी कर सकती हैं। Gaura Shakti App में कई तरह की सहूलियत महिलाओं को मिलेगी। महिलाएं इसमें उपलब्ध टोल फ्री नंबर पर कॉल करके किसी भी समय मदद ले सकती हैं।वहीं इसमें नजदीकी पुलिस स्टेशन की लोकेशन और नंबर भी उपलब्ध है। ऐप में पुलिस विभाग के अधिकारियों के नंबर भी उपलब्ध हैं, जहां से महिलाएं सीधे वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर सकती हैं।
विशेष सचिव गृह अग्रवाल ने जानकारी में बताया की…
बताते चलें की अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद से ही राज्य सरकार ने कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर यह फैसला लिया है।विशेष सचिव गृह अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रयास किया गया है कि भले ही स्टाफ का ट्रांसफर हो जाए पर नंबर एक ही रहे ताकि लोगों को व्यवहारिक दिक्कतों का सामना न करना पड़े। हमारा प्रयास है कि अलग-अलग स्थानों पर चाहे नौकरी कर रही महिलाएं हो या पीजी में रह रही छात्राएं हो सभी सुरक्षा के घेरे में आ सके और सभी का रिकॉर्ड पुलिस के पास मौजूद रहे। ताकि आपात स्थिति में पुलिस के पास समस्त जानकारी उपलब्ध हो।