Varanasi Crime: क्या 22 लाख के लालच में हुई थी श्रेया की हत्या, वाराणसी कांड में पुनीत के खुलासे से मचा हड़कंप

वाराणसी में श्रेया उपाध्याय हत्याकांड में आरोपी पुनीत मिश्रा ने 22 लाख रुपये के लालच में हत्या की बात कबूली है। पुलिस अब हत्या की असली वजह और विवेक चौबे की भूमिका की जांच कर रही है।

Major Revelation: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में श्रेया उपाध्याय हत्याकांड की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पुनीत मिश्रा ने पूछताछ में बताया कि उसे श्रेया की हत्या के बदले 22 लाख रुपये देने का वादा किया गया था। घटना 18 अगस्त की है। श्रेया रोहनिया के बच्छांव पश्चिमपुरा स्थित किराए के मकान में रहती थी। वह राजातालाब के मरुई की रहने वाली थी। मामले में उसके कथित प्रेमी विवेक चौबे और उसके दोस्त पुनीत मिश्रा पर आरोप है।

हत्या की साजिश

पुलिस के अनुसार, पुनीत मूल रूप से मऊ के हलधरपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है और घटना से पहले रांची में था। उसका कहना है कि विवेक ने फोन करके उसे श्रेया की हत्या में साथ देने का प्रस्ताव दिया था। इसके बदले 22 लाख रुपये देने की बात कही गई। इसके बाद विवेक ने पुनीत के लिए रांची से वाराणसी की ट्रेन टिकट कराई। 17 अगस्त की रात दोनों बच्छांव पश्चिमपुरा स्थित कमरे में पहुंचे और हत्या की योजना बनाई।

ऐसे दिया अंजाम

पुनीत ने पुलिस को बताया कि 18 अगस्त की सुबह विवेक श्रेया को लेकर कमरे पर पहुंचा। पुनीत पहले से चाकू लेकर वहां मौजूद था। श्रेया के अंदर आते ही विवेक ने पीछे से उसका गला पकड़ लिया। इसके बाद पुनीत ने उसके पेट में चाकू मारा। गला दबाए जाने से श्रेया बेहोश होकर गिर गई। आरोप है कि इसके बाद उसके गले पर भी चाकू से वार किया गया। हत्या के बाद दोनों ने शव को खींचकर बाथरूम में रख दिया।

22 लाख का इंतजार

पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद विवेक पैसे लाने की बात कहकर कमरे से चला गया। पुनीत करीब 20 मिनट तक उसका इंतजार करता रहा और पैसे मिलने की उम्मीद में उसे फोन भी किया। लेकिन विवेक का फोन बंद हो गया। घबराए पुनीत ने अस्सी इलाके में एक होटल बुक किया और वहां कुछ घंटे रुका। जब विवेक से संपर्क नहीं हुआ तो वह बस से रांची जाने के लिए निकल गया।

कैब से मिला सुराग

जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल के पास एक कैब दिखाई दी, जिसमें पुनीत के बैठने की जानकारी मिली। ऑनलाइन कैब बुक होने के कारण पुलिस को चालक के जरिए उसका मोबाइल नंबर मिला। कॉल डिटेल की जांच में विवेक और पुनीत के बीच लगातार बातचीत सामने आई। इसके बाद पुलिस का शक मजबूत हो गया। पुनीत ने सिम तोड़कर फेंक दिया था, लेकिन पुलिस उसके करीबियों के जरिए उसकी तलाश करती रही। सोमवार तड़के जक्खिनी मार्ग पर जमुनीपुर तिराहे के पास पुलिस ने उसे घेर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। उसके पास से तमंचा, कारतूस, खोखा, बाइक और आईफोन बरामद हुआ।

हत्या की वजह क्या?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर श्रेया की हत्या क्यों कराई गई। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि मामला प्रेम संबंध से जुड़ा है या संपत्ति विवाद से। बताया जा रहा है कि श्रेया अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी और उसके पिता के पास करीब पांच बीघा कीमती जमीन है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि संपत्ति को लेकर किसी ने हत्या की सुपारी दी हो। हालांकि, हत्या की असली वजह और विवेक की भूमिका को लेकर अभी पुलिस की जांच जारी है।

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