Maharashtra FDA: महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने Vimal Elaichi के विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड एक्टर्स शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी दी है।
FDA ने 11 अगस्त 2026 को तीनों ब्रांड एंबेसडर्स को शो-कॉज नोटिस जारी किए थे। नोटिस में विज्ञापन के जरिए प्रतिबंधित पान मसाला के कथित अप्रत्यक्ष प्रचार का मुद्दा उठाया गया था।
‘स्टार नहीं, विज्ञापन करने वाले के तौर पर देखता हूं’
एक इंटरव्यू में तुकाराम मुंडे ने कहा कि सेलिब्रिटी होने से किसी व्यक्ति को नियामकीय जांच से छूट नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि उनके लिए ये लोग विज्ञापन करने वाले हैं और कानून के तहत उनकी जिम्मेदारी की जांच की जाएगी।
मुंडे के मुताबिक, तीनों में से दो एक्टर्स ने नोटिस का जवाब दिया है, जबकि एक ने जवाब नहीं दिया। उन्होंने बताया कि जवाब नहीं मिलने वाले मामले में कानूनी कार्रवाई और अभियोजन की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि किस अभिनेता ने जवाब नहीं दिया।
एक्टर्स ने कंपनी की जिम्मेदारी का दिया तर्क
FDA कमिश्नर के मुताबिक, जिन दो लोगों ने जवाब दिया, उन्होंने कथित तौर पर यह तर्क रखा कि उत्पाद बनाने और उससे जुड़ी जिम्मेदारी कंपनी की है।
मुंडे ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून और संबंधित नियमों के तहत विज्ञापन देने वाले तथा विज्ञापन में शामिल व्यक्ति की जिम्मेदारियों पर भी विचार किया जा सकता है।
दिल्ली हाईकोर्ट में भी पहुंचा मामला
इस विवाद में Vimal ब्रांड की मास्टर लाइसेंसी कंपनी P.B. Agro LLP ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। कंपनी ने महाराष्ट्र FDA के 11 अगस्त के नोटिस को चुनौती दी थी।
14 सितंबर 2026 को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत ने याचिका को क्षेत्राधिकार के आधार पर खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि नोटिस मुंबई स्थित FDA ने जारी किया था और संबंधित ब्रांड एंबेसडर्स को भी महाराष्ट्र में नोटिस दिया गया था। इसलिए महाराष्ट्र की अदालतें इस मामले के लिए उचित और सुविधाजनक मंच हैं।
हाईकोर्ट ने आरोपों के सही या गलत होने पर फैसला नहीं दिया
महत्वपूर्ण बात यह है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने Vimal Elaichi विज्ञापन में कथित सरोगेट विज्ञापन के आरोपों की मेरिट पर कोई फैसला नहीं दिया। याचिका को केवल territorial jurisdiction यानी क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र के आधार पर खारिज किया गया।
इसलिए कोर्ट के आदेश को तीनों अभिनेताओं के खिलाफ आरोपों की पुष्टि के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। मामले में महाराष्ट्र FDA की आगे की कार्रवाई और संबंधित पक्षों की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।







