Midnight Disaster:मुंबई में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच बुधवार तड़के कुर्ला के चिराग नगर इलाके में बड़ा हादसा हो गया। गौसिया चॉल के पास करीब 3:48 बजे पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक खिसक गया। देखते ही देखते मिट्टी, पत्थर और भारी मलबा नीचे बने कुछ मकानों पर जा गिरा। इस दौरान घरों में सो रहे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
छह लोगों की मौत
भूस्खलन की इस घटना में अब तक छह लोगों की जान जा चुकी है, जबकि चार लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में बच्चों के साथ युवा भी शामिल हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। मृतकों में 2 और 4 साल के बच्चों के अलावा 14 और 19 साल के युवक भी शामिल बताए गए हैं। एक मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी दहशत फैल गई।
मलबे में तलाश
हादसे की सूचना मिलते ही BMC, मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस और NDRF समेत कई राहत एवं बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। रेस्क्यू टीमों ने मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। मलबे के नीचे किसी व्यक्ति के फंसे होने का पता लगाने के लिए कैमरों और दूसरे तकनीकी उपकरणों की मदद ली जा रही है। लगातार बारिश के कारण जमीन और मलबे की स्थिति अस्थिर बनी हुई है, इसलिए बचावकर्मी काफी सावधानी के साथ अभियान चला रहे हैं।
गलियां बनीं चुनौती
रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती घटनास्थल तक भारी मशीनरी पहुंचाना है। इलाके की गलियां बेहद संकरी हैं और कुछ हिस्सों में रास्ते की चौड़ाई करीब 3 से 3.5 फीट ही बताई जा रही है। ऐसे में बड़ी अर्थमूविंग मशीनों को अंदर ले जाना मुश्किल हो रहा है। बचावकर्मी छोटे उपकरणों के साथ हाथों और बाल्टियों से भी मलबा हटाने में जुटे हैं। इस वजह से ऑपरेशन की गति धीमी हो रही है और हर कदम बेहद सावधानी से उठाया जा रहा है।
परिवारों को मदद
प्रशासन की ओर से हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। प्रत्येक मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये की मदद देने की बात सामने आई है। घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए भी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारी मौके पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और प्रभावित लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
पहले मिला था नोटिस
प्रशासन के अनुसार, इलाके के कुछ घरों को मानसून से पहले ही नोटिस जारी किए गए थे। फिलहाल प्रशासन का मुख्य ध्यान मलबे में फंसे लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने पर है। मुंबई में लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और प्रशासनिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। रेस्क्यू अभियान जारी रहने के कारण आंकड़ों में बदलाव संभव है।






