सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुला। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर बाजार पर दिखाई दिया। कारोबार शुरू होते ही निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी, जिससे प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी-50 करीब 286 अंक नीचे 23,080 के स्तर पर खुला, जबकि सेंसेक्स 821 अंक टूटकर 73,421 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में शुरुआत से ही दबाव का माहौल बना रहा।
एशियाई बाजारों में भी दिखी कमजोरी
भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि एशिया के कई बड़े शेयर बाजार भी दबाव में कारोबार करते दिखाई दिए। जापान का निक्केई सूचकांक लगभग 3.70 प्रतिशत तक फिसल गया। वहीं, हांगकांग का हैंग सेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट भी गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। वैश्विक स्तर पर निवेशकों की चिंता बढ़ने से लगभग सभी प्रमुख बाजारों में कमजोरी देखने को मिल रही है। इसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
निफ्टी में सिर्फ कुछ शेयरों में तेजी
बाजार की गिरावट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निफ्टी-50 के अधिकांश शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। केवल कुछ ही कंपनियों के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
तेजी वाले शेयरों में सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज और अपोलो हॉस्पिटल शामिल रहे। दूसरी ओर विप्रो, टाटा स्टील, हिंडाल्को, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टीसीएस जैसे बड़े शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।
इन शेयरों पर निवेशकों की नजर
दिनभर की ट्रेडिंग में कुछ कंपनियों के शेयर खबरों की वजह से चर्चा में रहे। एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग, क्रिएटिव न्यूटेक, एलेम्बिक फार्मास्युटिकल्स, ज़ी एंटरटेनमेंट और हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में निवेशकों की खास दिलचस्पी देखने को मिली।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन कंपनियों से जुड़ी खबरों के कारण इनके शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
अमेरिकी बाजारों से भी मिला कमजोर संकेत
भारतीय बाजार पर अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का भी असर पड़ा। शुक्रवार को अमेरिका के प्रमुख शेयर सूचकांकों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। नैस्डैक कंपोजिट में 4.2 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि एसएंडपी 500 भी 2.6 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। इसके अलावा डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में लगभग 700 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखने की आशंका से निवेशकों की चिंता बढ़ी है।
निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
बाजार में उतार-चढ़ाव निवेश का सामान्य हिस्सा है। ऐसे समय में जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर माना जाता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।
