Bihar School Mid-Day Meal Incident:बिहार के सहरसा जिले में एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई। बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी, चक्कर और बेचैनी की शिकायत की। देखते ही देखते स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद स्कूल प्रशासन और गांव के लोग घबरा गए। बीमार बच्चों को तुरंत इलाज के लिए महिषी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज शुरू किया गया।
खाने के बाद शुरू हुई परेशानी
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 10 बजे स्कूल में बच्चों को मिड-डे मील के तहत चावल और दाल परोसी गई थी। खाना खाने के कुछ देर बाद ही कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। किसी को पेट में तेज दर्द हुआ तो किसी को उल्टी और चक्कर आने लगे। धीरे-धीरे बीमार बच्चों की संख्या बढ़ने लगी, जिससे स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया।
खाने में सांप का बच्चा मिलने का आरोप
घटना के बाद बच्चों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि खाने में मरा हुआ सांप का बच्चा मिला था। इसी वजह से बच्चों की तबीयत खराब हुई। यह खबर फैलते ही गांव में डर और गुस्से का माहौल बन गया। लोगों ने मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। हालांकि, अभी तक प्रशासन की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
अस्पताल में जारी है इलाज
बीमार बच्चों को महिषी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की टीम लगातार इलाज में लगी रही। बच्चों के परिवार वाले भी बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। सहरसा के सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने भी अस्पताल पहुंचकर इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल सभी बच्चों की हालत नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है।
कुछ बच्चों को किया गया रेफर
डॉक्टरों के अनुसार, जिन बच्चों की हालत ज्यादा खराब थी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए सहरसा सदर अस्पताल भेजा गया है। बाकी बच्चों का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। प्रशासन का कहना है कि सभी बच्चे अब खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं और लगातार उनकी निगरानी की जा रही है।
जांच में जुटा प्रशासन
घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सहरसा सदर एसडीएम श्रेयांश तिवारी ने बताया कि सूचना मिलते ही बच्चों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि खाने के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों में नाराजगी
इस घटना के बाद बच्चों के अभिभावकों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि बच्चों के खाने की गुणवत्ता पर सही तरीके से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब सभी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है, ताकि बीमारी की असली वजह सामने आ सके।








