July Weather Forecast: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जुलाई 2026 का मासिक मौसम पूर्वानुमान जारी कर दिया है। विभाग के अनुसार, इस महीने पूरे देश में औसतन सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। अनुमान है कि जुलाई में देशभर में होने वाली कुल बारिश सामान्य स्तर के 94 प्रतिशत से भी कम रह सकती है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर राज्य में कम बारिश होगी। मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वी और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों के साथ उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ इलाकों में सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है। वहीं कई अन्य क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम रहने के आसार हैं।
गर्मी और उमस बढ़ा सकती है परेशानी
आईएमडी के मुताबिक, जुलाई में देश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। इसका असर यह होगा कि कई जगह लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, पश्चिम-मध्य भारत के कुछ सीमित इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य या उससे थोड़ा कम रह सकता है। वहीं मध्य भारत और उत्तर-पूर्व के कुछ क्षेत्रों में रात का तापमान सामान्य रहने की उम्मीद है।
किसानों के लिए अहम सलाह
मौसम विभाग ने कहा है कि अगर बारिश सामान्य से कम होती है, तो इसका सीधा असर खेती, पेयजल और बिजली उत्पादन पर पड़ सकता है। लंबे समय तक अच्छी बारिश नहीं होने पर किसानों को सिंचाई में दिक्कत आ सकती है और कई इलाकों में पानी की कमी भी बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए किसानों को पानी का सही इस्तेमाल करने, जल संरक्षण पर ध्यान देने और मौसम की जानकारी के अनुसार खेती की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
अल नीनो और IOD पर नजर
मौसम विभाग ने बताया कि इस समय प्रशांत महासागर में कमजोर अल नीनो (El Niño) जैसी स्थिति बनी हुई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान इसके और मजबूत होने की संभावना है। वहीं हिंद महासागर में इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की स्थिति फिलहाल सामान्य बनी हुई है। विभाग का अनुमान है कि मानसून के बाकी समय भी इसकी स्थिति सामान्य ही रहेगी।
मौसम अपडेट पर रखें नजर
आईएमडी ने अगले चार सप्ताह का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान भी जारी किया है। विभाग ने राज्यों, किसानों और संबंधित एजेंसियों से कहा है कि वे मौसम से जुड़ी चेतावनियों और अपडेट पर लगातार नजर रखें। समय रहते तैयारी करने से कम बारिश या मौसम में बदलाव से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मौसम विभाग जुलाई के अंत में अगस्त महीने और अगस्त-सितंबर की शुरुआत के लिए मानसून का अगला विस्तृत पूर्वानुमान जारी करेगा। इससे आने वाले दिनों के मौसम की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।









