Uttar Pradesh Heavy Rain Alert:उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम केंद्र, लखनऊ ने 18 से 23 जुलाई के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 19 से 22 जुलाई के दौरान कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से बदलेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तरी-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तरी ओडिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से मानसूनी ट्रफ दक्षिण की ओर खिसक रही है, जिससे उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश दर्ज की जा सकती है।
तापमान में 4 से 6 डिग्री तक गिरावट
बारिश के चलते प्रदेशवासियों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज हो सकती है। 18 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है, जबकि 19 से 21 जुलाई तक अधिकांश जिलों में व्यापक वर्षा का दौर जारी रहेगा।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
19 जुलाई को बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर और बलरामपुर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, अयोध्या, बाराबंकी, सुल्तानपुर और आजमगढ़ समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
20 जुलाई को श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं में बहुत भारी वर्षा का खतरा रहेगा। इसके अलावा लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या और अन्य जिलों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 21 जुलाई को भी तराई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
यातायात प्रभावित होने की आशंका
IMD ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदियों और नालों के जलस्तर में वृद्धि, सड़क और रेल यातायात में बाधा, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने तथा कमजोर भवनों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कई स्थानों पर मेघगर्जन और वज्रपात की भी संभावना है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने, लगातार बारिश के दौरान नाइट्रोजन उर्वरकों का प्रयोग टालने और फसलों में रोग व कीटों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है। गन्ना, धान, मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, तिल, मूंगफली और सब्जी उत्पादकों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। मौसम विभाग का मानना है कि आगामी दिनों की अच्छी बारिश से प्रदेश में अब तक दर्ज वर्षा की कमी में भी उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।









