Gold Crash Alert : सोने की कीमतों में हालिया गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। रिकॉर्ड ऊंचाई से अब तक सोना करीब ₹34,000 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है। ऐसे में बाजार में यह सवाल उठ रहा है कि क्या गिरावट यहीं थमेगी या अभी और बड़ी कमजोरी देखने को मिलेगी। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में संकेत दिया है कि कुछ आर्थिक परिस्थितियों में सोने की कीमतों में और तेज गिरावट संभव है। हालांकि यह केवल एक संभावित परिदृश्य है, कोई निश्चित भविष्यवाणी नहीं।
WGC की चेतावनी
WGC के मुताबिक यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था उम्मीद से ज्यादा मजबूत रहती है, महंगाई बढ़ती है और अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखता है, तो डॉलर मजबूत हो सकता है। ऐसी स्थिति में सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ेगा और मौजूदा स्तर से लगभग 20% तक अतिरिक्त गिरावट संभव है। कई मीडिया रिपोर्टों में कुल गिरावट को रिकॉर्ड स्तर से जोड़कर लगभग 37% तक बताया जा रहा है।
जापानी येन बनेगा सहारा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जापानी येन मजबूत होता है और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक फिर से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर लौट सकते हैं। हाल के दिनों में कमजोर अमेरिकी डॉलर और मजबूत येन के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने को कुछ समर्थन मिला है। यही वजह है कि कई विश्लेषक मौजूदा गिरावट के बावजूद लंबी अवधि में सोने को पूरी तरह कमजोर नहीं मान रहे हैं।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि घबराकर सोना बेचने के बजाय निवेशकों को अपनी निवेश अवधि और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए। यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि का है तो कीमतों में गिरावट चरणबद्ध खरीदारी का अवसर भी बन सकती है। वहीं अल्पकालिक निवेशकों को वैश्विक ब्याज दरों, डॉलर इंडेक्स और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए क्योंकि आने वाले महीनों में यही कारक सोने की दिशा तय करेंगे।
आगे क्या संकेत हैं?
WGC ने साफ किया है कि उसका आउटलुक कई संभावित आर्थिक परिदृश्यों पर आधारित है। यदि वैश्विक आर्थिक सुस्ती गहराती है, ब्याज दरों में कटौती होती है या भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो सोना फिर से मजबूती दिखा सकता है। यानी निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे अहम बात जल्दबाजी से बचना और बदलते वैश्विक संकेतों पर नजर रखना होगी।









