Stock Market Crash: सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा, निवेशकों में हड़कंप, रुपये में रिकॉर्ड गिरावट, कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा, जबकि रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया।

Stock Market Crash Today: BSE Sensex शुरुआती कारोबार में 1000 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि NIFTY 50 में भी 300 अंक से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। सुबह करीब 9:50 बजे सेंसेक्स 1010 अंक टूटकर 74,227 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 23,340 अंक तक फिसल गया। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 7 लाख करोड़ रुपये घट गया।

इन बड़े शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से 27 शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे। Power Grid Corporation of India के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। इसके अलावा Tata Steel, Maruti Suzuki, Titan Company और Bajaj Finance के शेयरों में भी तेज गिरावट देखने को मिली।
हालांकि आईटी सेक्टर के कुछ शेयरों ने राहत दी। Infosys, Tech Mahindra और Tata Consultancy Services के शेयरों में तेजी दर्ज की गई।

एशियाई बाजारों पर भी असर

भारतीय बाजार के साथ-साथ एशिया के कई बड़े बाजारों में भी गिरावट देखी गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव बना रहा।

निफ्टी रियल्टी, ऑटो और मीडिया सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी रही। वहीं आईटी सेक्टर बाकी सेक्टरों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करता नजर आया।

ट्रंप के बयान से बढ़ी चिंता

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के एक बयान के बाद बाजार में डर और बढ़ गया। ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो उसके लिए कुछ नहीं बचेगा। इस बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ गई। ब्रेंट क्रूड की कीमत 111 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। वहीं भारतीय बास्केट भी बढ़कर 109 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।

रुपया पहुंचा रिकॉर्ड निचले स्तर पर

शेयर बाजार की गिरावट के साथ भारतीय रुपया भी दबाव में दिखाई दिया। डॉलर के मुकाबले रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया गिरकर 96.18 प्रति डॉलर तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि ईरान युद्ध, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और बॉन्ड यील्ड में उछाल की वजह से रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है। पिछले पांच कारोबारी सत्रों से रुपया लगातार कमजोर हो रहा है।

 

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