Bihar cabinet expansion controversy: बिहार में गुरुवार को कैबिनेट विस्तार किया गया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने मंत्री पद की शपथ ली। उन्हें स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। अहम मंत्रालय मिलने के बाद निशांत कुमार ने मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वह जनता के हित में काम करेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे।
विपक्ष ने शुरू किया हमला
निशांत कुमार के मंत्री बनने के बाद विपक्ष लगातार सरकार पर हमला बोल रहा है। कांग्रेस और आरजेडी दोनों ने इस फैसले को लेकर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को कांग्रेस नेता और एआईसीसी सचिव श्रीनिवास बी.वी. ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर निशांत कुमार का एक वीडियो शेयर किया। वीडियो के साथ उन्होंने “बिहार के नए स्वास्थ्य मंत्री” लिखते हुए जोकर वाली इमोजी लगाई।
वीडियो को लेकर उठे सवाल
वायरल वीडियो में निशांत कुमार जेडीयू नेताओं के साथ कुर्सी पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह थोड़े असहज नजर आ रहे हैं। वह बार-बार झुकते दिख रहे हैं, जबकि आसपास बैठे नेता किसी मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं। कांग्रेस ने इसी वीडियो को लेकर सरकार पर निशाना साधा और मंत्री बनाए जाने के फैसले पर सवाल खड़े किए।
आरजेडी ने भी साधा निशाना
सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, राष्ट्रीय जनता दल ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। आरजेडी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से पोस्ट कर लिखा कि परिवारवाद पर लंबे समय तक भाषण देने वाले नेता अब अपने बेटे को राजनीति में आगे बढ़ा रहे हैं। पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि कुर्सी छोड़ने के पीछे भी राजनीति छिपी हुई थी।
परिवारवाद को लेकर बढ़ा विवाद
आरजेडी ने एक और पोस्ट में लिखा कि नीतीश कुमार ने अपने बेटे को राजनीति में स्थापित करने की शर्त पर ही पद छोड़ा। पार्टी ने आरोप लगाया कि निशांत कुमार ने सीधे जनता के बीच जाकर राजनीति करने के बजाय पीछे के रास्ते से मंत्री पद हासिल किया। विपक्ष लगातार इसे परिवारवाद से जोड़कर सरकार को घेर रहा है।
रोहिणी आचार्य ने भी किया कटाक्ष
लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया पर निशांत कुमार को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि बिना चुनाव लड़े मंत्री बनने पर निशांत कुमार को बधाई। साथ ही उन्होंने नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए उन्हें नैतिकता का दावा करने वाला नेता बताया। रोहिणी ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला बोला।
जातीय संतुलन साधने की कोशिश
इधर, सम्राट चौधरी के कैबिनेट विस्तार में जातीय और सामाजिक संतुलन बनाने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है। मंत्रिमंडल में ओबीसी, ईबीसी, एससी, जनरल कैटेगरी और मुस्लिम समुदाय को प्रतिनिधित्व दिया गया है। सरकार का फोकस अलग-अलग वर्गों को साथ लेकर चलने पर दिख रहा है।
सियासी बयानबाजी तेज
कैबिनेट विस्तार के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर परिवारवाद और राजनीतिक समझौते के आरोप लगा रहा है। वहीं जेडीयू और एनडीए नेता इसे सरकार का सामान्य राजनीतिक फैसला बता रहे हैं।








