Mumbai Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ में भारी से अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अगले तीन घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना जताई है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
तेज हवाओं के साथ होगी मूसलाधार बारिश
आईएमडी के अनुसार, मुंबई और उसके उपनगरों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी वर्षा होने की आशंका है। इसके साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।
24 घंटे में कई इलाकों में 100 मिमी से अधिक बारिश
शनिवार सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, सांताक्रूज वेधशाला में 109.6 मिमी और कोलाबा में 90.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस मानसून सीजन में सांताक्रूज में 928.9 मिमी और कोलाबा में 870.9 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है।
पिछले 24 घंटों में मुंबई शहर में औसतन 98.80 मिमी, पूर्वी उपनगरों में 98.39 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 93.73 मिमी बारिश हुई। पश्चिमी उपनगरों में खार (150.6 मिमी) और बांद्रा (146 मिमी), जबकि पूर्वी उपनगरों में घाटकोपर (143 मिमी) और प्रभादेवी (141.8 मिमी) सबसे अधिक प्रभावित रहे।
ट्रैफिक और लोकल ट्रेनें सामान्य, लेकिन सतर्कता जारी
बीएमसी के अनुसार, शनिवार सुबह तक शहर में कहीं भी बड़े जलभराव की सूचना नहीं मिली। सुबह 9 बजे तक सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे की लोकल ट्रेन सेवाएं तथा सड़क यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहे थे।
हालांकि, तेज बारिश और हवाओं के कारण पेड़ और डालियां गिरने की 91 शिकायतें दर्ज हुईं। इसके अलावा शॉर्ट सर्किट की 30 और मकान या दीवार के आंशिक रूप से गिरने की 19 घटनाएं सामने आईं। सभी स्थानों पर राहत एवं मरम्मत कार्य जारी है।
हाई टाइड को लेकर भी चेतावनी
प्रशासन ने समुद्र में ऊंची लहरों को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। शनिवार दोपहर 2:50 बजे 4.26 मीटर ऊंची हाई टाइड आने का अनुमान है, जबकि रविवार को भी दोपहर 3:22 बजे 4.19 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। लोगों को समुद्र तटों और तटीय इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
जलाशयों में बढ़ा जलस्तर
मुंबई को पेयजल उपलब्ध कराने वाली सात प्रमुख झीलों में 4 जुलाई 2026 की सुबह तक कुल 1,36,137 मिलियन लीटर पानी संग्रहित था। लगातार हो रही बारिश से जलाशयों का स्तर बढ़ रहा है, जिससे शहर की जलापूर्ति को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
