UP Weather Today:राजधानी लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को मौसम ने करवट ली। सुबह से आसमान में काले बादल छाए रहे और दोपहर में करीब डेढ़ घंटे तक जोरदार बारिश हुई। बारिश के साथ हल्की हवा और गरज-चमक का दौर भी देखने को मिला। लगातार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।
बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के करीब 30 जिलों में हल्की हवा के साथ बारिश दर्ज की गई।
आज भी बारिश के आसार
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के अनुसार लखनऊ और आसपास के जिलों में गुरुवार को भी आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान कई जगहों पर बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है।
लखनऊ में बुधवार को अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा। प्रदेश के करीब 40 जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिली।
पूर्वी और दक्षिणी यूपी में ज्यादा असर
प्रदेश में मानसून की सक्रियता का सबसे ज्यादा असर पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में दिखाई दिया। इन क्षेत्रों के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। बारिश के आंकड़ों में हमीरपुर सबसे आगे रहा, जहां 24 घंटे के दौरान 220 मिमी तक वर्षा दर्ज की गई।
इसके अलावा महोबा में 155 मिमी और बांदा में 123.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इन जिलों में तेज बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी बनी।
लखनऊ में 52.7 मिमी बारिश
राजधानी लखनऊ में बुधवार को कुल 52.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई। निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल बारिश का असर बना हुआ है, लेकिन मानसून की यह सक्रियता ज्यादा दिनों तक जारी रहने की संभावना नहीं है।
शनिवार से कमजोर होगा मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार शनिवार से प्रदेश में मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगेंगी। इसके बाद बारिश की तीव्रता और क्षेत्र दोनों में कमी आने की संभावना है। रविवार से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर थम सकता है या काफी कमजोर हो सकता है।
हालांकि, कुछ पूर्वी और दक्षिणी जिलों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण हल्की बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में अगले दो दिनों तक लोगों को मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी जरूरी
लगातार बारिश के बीच प्रशासन और स्थानीय लोगों को निचले इलाकों, नदी-नालों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम में सुधार आने के साथ ही बारिश का असर कम होने की उम्मीद है, लेकिन गुरुवार को कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी।








