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अब ‘गुण’ नहीं, ये खास टेस्ट तय करेगा आपकी शादी! गुपचुप तरीके से बढ़ रहा है ये खौफनाक ट्रेंड!

बदलते दौर में दूल्हा-दुल्हन शादी से पहले कुंडली मिलाने के बजाय फर्टिलिटी टेस्ट को प्राथमिकता दे रहे हैं। पुरुषों में गिरते स्पर्म काउंट और भविष्य की स्वास्थ्य समस्याओं से बचने के लिए युवा अब अधिक जागरूक और पारदर्शी रुख अपना रहे हैं।

by Mayank Yadav
जनवरी 6, 2026
in TOP NEWS, विशेष
Pre-marital health check

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Pre-marital health check: भारत में वैवाहिक परंपराएं तेजी से बदल रही हैं। अब युवा जोड़े केवल पारिवारिक पृष्ठभूमि या कुंडली मिलान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे एक-दूसरे के स्वास्थ्य और भविष्य की ‘फैमिली प्लानिंग’ को लेकर भी गंभीर हैं। हालिया रुझानों के अनुसार, शादी से पहले ‘फर्टिलिटी टेस्ट’ कराने वाले कपल्स की संख्या में भारी उछाल आया है। विशेष रूप से पुरुषों में बढ़ते बांझपन के मामलों ने इस चिंता को बढ़ा दिया है। एक समय था जब बांझपन के लिए केवल महिलाओं को जिम्मेदार माना जाता था, लेकिन अब पुरुष भी आगे बढ़कर अपनी जांच करा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, प्रदूषण और बढ़ते तनाव के कारण स्पर्म काउंट में आ रही गिरावट ने युवाओं को शादी से पहले अपनी सेहत के प्रति अधिक सतर्क कर दिया है।

क्यों बढ़ रही है पुरुषों में बांझपन की समस्या?

विशेषज्ञों और शोध के अनुसार, पुरुषों में प्रजनन क्षमता कम होने के कई गंभीर कारण सामने आए हैं:

  • स्पर्म काउंट में भारी गिरावट: 2022 के एक मेटा-एनालिसिस के अनुसार, 1973 से 2018 के बीच पुरुषों के औसत स्पर्म कंसन्ट्रेशन में 51.6% की कमी आई है। WHO के मानकों के अनुसार 15 मिलियन प्रति मिलीलीटर को सामान्य माना जाता है, लेकिन आज डोनर्स में भी यह संख्या जुटाना मुश्किल हो रहा है।

  • लाइफस्टाइल और तनाव: धूम्रपान, शराब का सेवन, जंक फूड, और लंबे वर्किंग ऑवर्स स्पर्म डीएनए को सीधा नुकसान पहुँचा रहे हैं।

  • पर्यावरणीय कारक: वायु प्रदूषण (PM 2.5), माइक्रोप्लास्टिक्स और कीटनाशक शरीर के हार्मोन संतुलन को बिगाड़ रहे हैं। नैनोप्लास्टिक्स स्पर्म प्रोटीन को खराब कर देते हैं, जिससे प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है।

बांझपन के आंकड़े और सामाजिक बदलाव

डॉ. नर्मदा प्रसाद गुप्ता (मेदांता हॉस्पिटल) के अनुसार, अब ओपीडी में ऐसे युवाओं की संख्या बढ़ी है जो शादी से पहले Pre-marital अपनी जांच कराना चाहते हैं। आंकड़े बताते हैं कि:

  • 40% मामलों में बांझपन का कारण पुरुष होते हैं।

  • 40% मामलों में कारण महिलाएं होती हैं।

  • 10% मामलों में दोनों पार्टनर जिम्मेदार होते हैं।

  • 10% मामलों के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।

क्या हैं मुख्य मेडिकल स्थितियां?

AIIMS की स्टडी के मुताबिक, पुरुषों में बांझपन के दो सबसे प्रमुख कारण हैं:

  1. एजूस्पर्मिया (Azoospermia): वह स्थिति जहाँ वीर्य में शुक्राणु (Sperm) बिल्कुल नहीं होते।

  2. OATS सिंड्रोम: इसमें शुक्राणुओं की संख्या कम होती है, उनकी गतिशीलता (Motility) धीमी होती है और उनका आकार (Morphology) असामान्य होता है।

आज का युवा भविष्य की अनचाही परेशानियों और मानसिक तनाव से बचने के लिए ‘चुपचाप’ या आपसी सहमति से ये Pre-marital टेस्ट करा रहा है। यह न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता है, बल्कि एक पारदर्शी और मजबूत रिश्ते की शुरुआत की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।

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Tags: Pre-marital

Mayank Yadav

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