UP Budget 2026 Workers Relief: उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने नए बजट में मेहनत करने वाले मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। सरकार का ध्यान अब खास तौर पर उन मजदूरों पर है, जो अपने गांव और परिवार से दूर शहरों में रहकर काम करते हैं और शहरों के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।
सरकार का मानना है कि शहरों की तरक्की में मजदूरों का बड़ा योगदान है। ऐसे में उनके रहने, इलाज और सुरक्षा का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ इस बार के बजट में कई नई योजनाएं शामिल की गई हैं।
रहने की मिलेगी सुविधा
अक्सर देखा जाता है कि गांव से शहर काम की तलाश में आने वाले मजदूरों को रहने के लिए सुरक्षित और सही जगह नहीं मिलती। कई मजदूर अस्थायी झोपड़ियों या असुरक्षित जगहों पर रहने को मजबूर होते हैं। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने ‘लेबर अड्डों’ के निर्माण का फैसला लिया है। ये खास जगहें उन मजदूरों के लिए बनाई जाएंगी, जो शहरों में काम करने आते हैं। यहां उन्हें ठहरने के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधा मिलेगी। इससे मजदूरों को रहने की चिंता कम होगी और वे बेहतर तरीके से काम कर सकेंगे।
हादसे में आर्थिक सहारा
सरकार ने मजदूरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आर्थिक मदद का भी प्रावधान किया है। ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर्ड श्रमिकों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है। अगर किसी मजदूर की दुर्घटना में मौत हो जाती है या वह पूरी तरह दिव्यांग हो जाता है, तो उसे 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, आंशिक दिव्यांगता होने पर 1 लाख रुपये की मदद मिलेगी। इससे मजदूरों और उनके परिवार को मुश्किल समय में सहारा मिलेगा।
मौके पर होगा इलाज
मजदूरों की सेहत का ध्यान रखने के लिए सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। प्रदेश में पहली बार ‘मोबाइल हेल्थ वैन’ चलाई जा रही हैं।
ये वैन सीधे उन जगहों पर जाएंगी, जहां निर्माण कार्य चल रहा है। वहां मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी जाएगी। अभी इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। सफल होने पर इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा सकता है।
रोजगार के नए अवसर
युवाओं और श्रमिकों को रोजगार दिलाने के लिए ‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ का गठन किया गया है। इस मिशन का मकसद सिर्फ प्रदेश में ही नहीं, बल्कि देश और विदेश में भी रोजगार के मौके उपलब्ध कराना है।
सरकार चाहती है कि यूपी के युवाओं को बेहतर नौकरी के अवसर मिलें और वे अपने कौशल के दम पर आगे बढ़ सकें। इससे बेरोजगारी कम होगी और राज्य की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।








