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Iran’s Allegations: अमेरिका का मकसद दुनिया में टकराव बढ़ाकर, भारत चीन रूस की तरक्की रोकना, शर्तों के साथ बातचीत की पेशकश

ईरान ने अमेरिका पर वैश्विक तनाव बढ़ाकर भारत, चीन और रूस की प्रगति रोकने का आरोप लगाया है। तेहरान ने सम्मानजनक शर्तों पर बातचीत की बात कही, जबकि ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई जारी रखने का संकेत दिया है।

SYED BUSHRA by SYED BUSHRA
March 4, 2026
in विदेश
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Middle East Conflict: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तेहरान का कहना है कि वाशिंगटन जानबूझकर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में संघर्ष को बढ़ावा दे रहा है। उसका मकसद यह है कि भारत, चीन और रूस जैसे देश तेजी से आगे न बढ़ सकें। ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही के मुताबिक, अमेरिका नहीं चाहता कि दुनिया बहुध्रुवीय बने। उनका कहना है कि अमेरिका चाहता है कि उसकी ही ताकत सबसे ऊपर रहे और कोई देश उसके बराबर न आए।

भारत और चीन पर नजर

इलाही ने दावा किया कि असली निशाना सिर्फ ईरान नहीं है। उनके अनुसार, आने वाले समय में भारत और चीन जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाएं अमेरिका के लिए चुनौती बन सकती हैं। इसी वजह से अमेरिका दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में तनाव पैदा कर रहा है, ताकि इन देशों की विकास रफ्तार धीमी हो जाए। उनका कहना है कि युद्ध और अस्थिरता का माहौल बनाकर बड़े देशों की आर्थिक और राजनीतिक ताकत को कमजोर किया जा सकता है।

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शांति के लिए शर्तें

हालांकि ईरान ने साफ किया है कि वह बातचीत से पीछे नहीं हट रहा। तेहरान ने कहा है कि अगर अमेरिका युद्ध रोक दे, आर्थिक प्रतिबंध हटा ले और भविष्य में हमला न करने की गारंटी दे, तो शांति की राह खुल सकती है। ईरान का दावा है कि उसने यह संघर्ष शुरू नहीं किया। उसका कहना है कि इजरायल और अमेरिका की कार्रवाई के बाद हालात बिगड़े।

ओमान के जरिए बातचीत

ईरान ने यह भी कहा कि हमलों से पहले ओमान की मध्यस्थता से समझौते की कोशिश चल रही थी। दोनों पक्ष एक संयुक्त बयान जारी करने के करीब थे, लेकिन अचानक सैन्य कार्रवाई शुरू हो गई। इससे पूरी प्रक्रिया रुक गई। ईरान का आरोप है कि उसने कूटनीति का रास्ता नहीं छोड़ा, बल्कि अमेरिका ने खुद बातचीत से पीछे हटकर ताकत का रास्ता चुना।

ट्रंप का सख्त रुख

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि जब तक ईरान की मिसाइल और परमाणु क्षमता खत्म नहीं होती, तब तक सैन्य अभियान जारी रहेगा। उन्होंने ईरान की शांति पेशकश को बहुत देर से उठाया गया कदम बताया। इस टकराव में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और फिलहाल शांति की उम्मीद कम नजर आ रही है।

Tags: Global GeopoliticsIran US Tension
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