Kanpur Double Murder Case: कानपुर के किदवईनगर स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में हुए दर्दनाक हत्याकांड के बाद आरोपी शशिरंजन से उसके अपने ही परिवार ने दूरी बना ली है। बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद उसके पिता और बड़े भाई ने साफ कह दिया कि जो किया है, उसका अंजाम उसे खुद भुगतना होगा।
फोन पर मिली पहली प्रतिक्रिया
मृत बच्चियों की मां रेशमा छेत्री ने बताया कि घटना के बाद जब पुलिस ने उन्हें जगाया, तो उन्होंने सबसे पहले शशिरंजन के बड़े भाई को फोन कर सारी बात बताई। इसके बाद भाई ने अपने पिता को जानकारी दी। पिता ने साफ शब्दों में कहा कि “जैसा किया है, वैसा भुगतो।” इसके बाद परिवार से संपर्क टूट गया और उनका फोन बंद हो गया।
आरोपी का बदलता व्यवहार
शशिरंजन के एक रिश्तेदार ने बताया कि वह कम उम्र में बिहार छोड़कर कानपुर आ गया था। यहां उसने मेडिकल लाइन में काम शुरू किया और बाद में मेडिकल रिप्रजेंटेटिव बन गया। अच्छी कमाई होने लगी, लेकिन इसी के साथ उसका व्यवहार भी बदल गया। वह घमंडी हो गया और परिवार व रिश्तेदारों को कम समझने लगा।
नशे की लत और दूरी
रिश्तेदारों के अनुसार, शशि धीरे-धीरे शराब का आदी हो गया था। जब भी वह बिहार जाता, तो अपने घरवालों से ठीक से बात नहीं करता था। यहां तक कि फोन पर भी कई बार गाली-गलौज करता था। उसकी एक रिश्तेदार ने बताया कि वीडियो कॉल पर भी उसने बदतमीजी की थी।
रेशमा के मायके वालों का साथ
जहां आरोपी के परिवार ने दूरी बना ली, वहीं रेशमा के मायके वाले उनके साथ खड़े नजर आए। सोमवार रात को उनके भाई और बहन कानपुर पहुंचे। भाई को देखते ही रेशमा फूट-फूटकर रोने लगी। इस घटना की खबर मिलते ही उनके मायके में भी शोक का माहौल बन गया।
अपार्टमेंट में पसरा सन्नाटा
त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं। हालांकि वे शशिरंजन के व्यवहार से परेशान रहते थे, लेकिन उसकी बेटियां रिद्धि और सिद्धि सबकी चहेती थीं। बच्चे उनकी मासूमियत और शरारतों के कारण सभी के दिल के करीब थे।
मासूम बेटियों की यादें
अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों ने बताया कि दोनों बच्चियां बहुत प्यारी और चंचल थीं। स्कूल से लौटने के बाद वे लॉबी और सीढ़ियों में खेलती थीं, कभी-कभी शरारत में डोरबेल बजाकर भाग जाती थीं। उनकी हरकतें सभी को हंसी देती थीं, लेकिन अब उनकी कमी हर किसी को खल रही है।
समाज को सोचने पर मजबूर करती घटना
यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर सवाल छोड़ती है। गुस्सा, नशा और बिगड़ता व्यवहार किस तरह एक इंसान को हैवान बना सकता है, यह इस घटना से साफ समझ आता है।



