Share Market Crash शेयर बाजार जब अचानक करवट बदलता है, तब बड़े-बड़े निवेशकों की रणनीति भी कमजोर पड़ जाती है। जनवरी से मार्च तिमाही के दौरान कुछ ऐसा ही देखने को मिला। दुनियाभर में बढ़ते तनाव और बाजार में लगातार बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। इस गिरावट ने कई दिग्गज निवेशकों को बड़ा नुकसान पहुंचाया।
मुकुल अग्रवाल, हेमेंद्र कोठारी, आशीष कचोलिया और मधुसूदन केला जैसे अनुभवी निवेशकों के पोर्टफोलियो में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, इस मुश्किल दौर में भी डी-मार्ट के मालिक और मशहूर निवेशक Radhakishan Damani ने शानदार कमाई की और बाकी निवेशकों से अलग नजर आए।
दमानी ने मंदी में भी कमाया मुनाफा
प्राइमडेटाबेस रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च तिमाही में दमानी के पोर्टफोलियो की वैल्यू करीब 4 फीसदी बढ़ी। उनका निवेश 1.68 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.76 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। इस दौरान अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया।
इसका असर भारतीय कंपनियों की कमाई और निवेशकों के भरोसे पर भी पड़ा। मार्च तिमाही में सेंसेक्स और निफ्टी करीब 15 फीसदी तक टूट गए। वहीं, बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 13 से 15 फीसदी तक गिरावट दर्ज हुई।
हेमेंद्र कोठारी और मुकुल अग्रवाल को बड़ा झटका
इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर हेमेंद्र कोठारी और मुकुल अग्रवाल पर पड़ा। दोनों के पोर्टफोलियो की वैल्यू में करीब 26 फीसदी की भारी कमी आई। हेमेंद्र कोठारी के पोर्टफोलियो में शामिल एल्किल एमाइंस केमिकल्स, सोनाटा सॉफ्टवेयर और ईआईएच एसोसिएटेड होटल्स के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसके चलते उनका कुल निवेश 6,033 करोड़ रुपये से घटकर 4,482 करोड़ रुपये रह गया।
वहीं, मुकुल अग्रवाल ने इस दौरान अपने पोर्टफोलियो में कई बदलाव किए। उन्होंने गौडियम आईवीएफ एंड वुमन हेल्थकेयर में निवेश किया, जबकि कुछ कंपनियों के शेयर बेच दिए। इसके बावजूद उनका पोर्टफोलियो 6,250 करोड़ रुपये से घटकर 4,648 करोड़ रुपये पर आ गया।
कचोलिया और केला भी नहीं बच पाए
छोटे और मझोले शेयरों के बड़े निवेशक माने जाने वाले Ashish Kacholia को भी इस गिरावट से नुकसान उठाना पड़ा। उनके 20 शेयरों वाले पोर्टफोलियो की वैल्यू 17 फीसदी गिरकर 1,387 करोड़ रुपये रह गई।
इसी तरह Madhusudan Kela के पोर्टफोलियो में भी 21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। उन्होंने कुछ नई कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदी, लेकिन इसके बावजूद उनका निवेश घटकर 1,643 करोड़ रुपये रह गया।
दूसरे निवेशकों को भी हुआ घाटा
निमेश शाह, आकाश भंसाली और आशीष धवन जैसे निवेशकों को भी बाजार की गिरावट से नुकसान हुआ। वहीं, दिवंगत Rakesh Jhunjhunwala के परिवार की कुल संपत्ति में भी करीब 10 फीसदी की कमी दर्ज की गई।
सिर्फ बड़े निवेशक ही नहीं, बल्कि छोटे निवेशकों को भी इस गिरावट का असर झेलना पड़ा। तेजस त्रिवेदी को सबसे ज्यादा 33 फीसदी नुकसान हुआ। वहीं, अनुज सेठ, गोविंदलाल पारिख और यूसुफअली कादर के पोर्टफोलियो में भी गिरावट दर्ज की गई।




