Uttar Pradesh सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब तहसील दिवसों की तर्ज पर प्रत्येक विकास खंड (ब्लॉक) में साप्ताहिक चौपाल आयोजित की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीणों की शिकायतों को उनके स्तर पर ही सुनना और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है।
सरकार का मानना है कि इससे गांवों में रहने वाले लोगों को बार-बार तहसील या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रशासन सीधे उनके बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान करेगा।
इन मामलों का होगा निस्तारण
ब्लॉक चौपालों में राजस्व विवाद, घरेलू हिंसा, अवैध वसूली और पुलिस से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। इसके साथ ही वंचित लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इन चौपालों में जिला स्तरीय अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मौके पर ही निर्णय लेकर समस्याओं का निपटारा किया जा सके। शासन जल्द ही इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना जारी करेगा।
कानून-व्यवस्था और त्योहारों को लेकर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कालिदास मार्ग स्थित अपने आवास पर कानून-व्यवस्था और आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कई सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी हालत में कुर्बानी की अनुमति नहीं दी जाएगी और प्रतिबंधित पशुओं पर जीरो टॉलरेंस नीति सख्ती से लागू होगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परंपरागत स्थानों पर नमाज की अनुमति रहेगी, लेकिन सड़क जाम जैसी स्थिति किसी भी दशा में स्वीकार नहीं की जाएगी। अवैध स्लॉटर हाउसों के खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें बंद कराने और खुले में मांस-मछली की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।
स्वच्छता और सुरक्षा पर विशेष जोर
कुर्बानी के बाद अपशिष्ट निस्तारण की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं न उत्पन्न हों। गंगा दशहरा जैसे आयोजनों को ध्यान में रखते हुए घाटों की साफ-सफाई, बैरिकेडिंग और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
संवेदनशील जिलों जैसे अलीगढ़, बिजनौर, सहारनपुर, रामपुर और संभल में पीस कमेटियों के साथ संवाद बढ़ाने और लोगों को नियमों की सही जानकारी देने पर जोर दिया गया है। त्योहारों के दौरान बिजली, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिकायत निस्तारण में लापरवाही पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि IGRS और सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर शिकायत का वास्तविक और समयबद्ध समाधान किया जाए।
अवैध गतिविधियों पर अभियान
अवैध खनन और भू-माफियाओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर भी सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है। सरकार ने साफ किया है कि इन मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति पर सख्ती से अमल किया जाएगा।
ग्रामीण प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में कदम
नई चौपाल व्यवस्था को ग्रामीण प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे न केवल शिकायत निस्तारण तेज होगा, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच सकेगा।








