केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने सीमावर्ती इलाकों के दौरे की शुरुआत राजस्थान के बीकानेर से की। 25 मई की रात वे वहां पहुंचे और अगले दिन भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट का दौरा किया।यहां उन्होंने BSF जवानों से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। शाह ने जवानों की तारीफ करते हुए कहा कि सीमा पर तैनात सुरक्षाबल हर मौसम में देश की रक्षा कर रहे हैं। चाहे तेज गर्मी हो, कड़ाके की ठंड हो या बर्फीले पहाड़, जवान पूरी बहादुरी से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान BSF के काम की भी सराहना की। शाह ने कहा कि जवानों ने न सिर्फ सीमा की सुरक्षा की, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों का मनोबल भी मजबूत रखा और जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान को जवाब भी दिया।
सीमा सुरक्षा पर हुई बड़ी बैठक
बीकानेर दौरे के दौरान गृहमंत्री ने सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ी समीक्षा बैठक भी की। इसमें गृह मंत्रालय, राजस्थान सरकार, BSF के अधिकारी और सीमावर्ती जिलों के डीएम और एसपी शामिल हुए।
बैठक में घुसपैठ, सीमा सुरक्षा और स्थानीय समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। गृहमंत्री ने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह सीमावर्ती इलाकों की स्थिति को करीब से समझना चाहते हैं। वह यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि देश की सुरक्षा को कहां-कहां से खतरा हो सकता है।
गुजरात और त्रिपुरा का भी दौरा
गृहमंत्री 29 मई को गुजरात के भुज जाएंगे। वहां वे BSF चौकियों और हरामीनाला इलाके का दौरा करेंगे। यह क्षेत्र पाकिस्तान सीमा से जुड़ा हुआ है और सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
इसके बाद पांच जून को अमित शाह त्रिपुरा जाएंगे। हाल के महीनों में बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता और सीमा पार गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। ऐसे में त्रिपुरा का दौरा काफी अहम माना जा रहा है।
गृहमंत्री वहां सीमा पर फेंसिंग, BSF की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि सीमा को और ज्यादा सुरक्षित कैसे बनाया जाए।
पश्चिम बंगाल पर खास फोकस
करीब 15 जून को अमित Shah पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों का दौरा करेंगे। यहां वे अवैध घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार गतिविधियों को लेकर अधिकारियों और जवानों से बातचीत करेंगे।
पश्चिम बंगाल में BSF के लिए फेंसिंग की जमीन उपलब्ध कराने का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। अब सरकार इस काम को तेजी से पूरा करना चाहती है। गृहमंत्री फेंसिंग प्रोजेक्ट की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे।
हाईटेक निगरानी पर जोर
राजस्थान और गुजरात के सीमावर्ती इलाकों में हाल ही में हाईटेक सर्विलांस सिस्टम, ऊंचे टावर और नई सड़कें बनाई गई हैं। अमित शाह इन परियोजनाओं की भी समीक्षा करेंगे।
इसके अलावा भारत-पाकिस्तान सीमा पर इंटेलिजेंस ग्रिड कैसे काम कर रहा है, इसकी जानकारी भी वरिष्ठ अधिकारियों से ली जाएगी। कुल मिलाकर गृहमंत्री का यह दौरा देश की पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं को और मजबूत बनाने की बड़ी तैयारी माना जा रहा है।


