Order to Expand Control in Gaza: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के एक हालिया बयान ने पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि उनका यह कदम अक्टूबर 2025 में लागू हुए संवेदनशील युद्धविराम समझौते की भावना के विपरीत है। इस बयान के सामने आने के बाद क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सम्मेलन में दिया बयान
नेतन्याहू ने यह बात कब्जे वाले वेस्ट बैंक में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। उनके संबोधन का वीडियो इजरायल के चैनल 12 नेटवर्क पर भी प्रसारित किया गया। उन्होंने कहा कि इजरायली सेना लगातार हमास पर दबाव बना रही है और क्षेत्र में अपनी पकड़ को धीरे-धीरे मजबूत कर रही है। उनके अनुसार, यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है।ओड़िसोल्ल
गाज़ा में बढ़ा नियंत्रण
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि इस समय इजरायल गाज़ा पट्टी के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण रखता है। उन्होंने बताया कि पहले यह आंकड़ा करीब 50 प्रतिशत था। नेतन्याहू ने कहा कि सेना की कार्रवाई जारी है और उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नियंत्रण का दायरा और बढ़ाया जाए। उनके अनुसार, लक्ष्य इसे 70 प्रतिशत तक पहुंचाने का है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता
यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब गाज़ा में जारी संघर्ष और वहां की मानवीय स्थिति को लेकर दुनिया भर में चिंता बनी हुई है। युद्धविराम समझौते के बावजूद समय-समय पर तनाव और सैन्य गतिविधियों की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में नेतन्याहू के नए निर्देश ने कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
शांति प्रयासों पर असर की आशंका
राजनीतिक और सुरक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि इस तरह के कदम क्षेत्र में शांति बहाल करने की कोशिशों को प्रभावित कर सकते हैं। उनका कहना है कि यदि नियंत्रण का दायरा बढ़ाया जाता है, तो इससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और गहरा हो सकता है। साथ ही, पहले से चल रहे कूटनीतिक प्रयासों को भी झटका लग सकता है।
सरकार का सुरक्षा तर्क
दूसरी ओर, इजरायली सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर की जा रही है। सरकार का दावा है कि हमास की गतिविधियों को रोकने और भविष्य के खतरों को कम करने के लिए रणनीतिक दबाव बनाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से सैन्य कार्रवाई और नियंत्रण बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।
अब आगे क्या होगा?
गाज़ा पट्टी की स्थिति पहले से ही काफी संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे में इस नए आदेश के बाद क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है और आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।




