Rahmanullah Gurbaz Century Record: धर्मशाला में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए पहले वनडे मुकाबले में अफगानिस्तान के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। गुरबाज ने केवल 48 गेंदों में शतक पूरा कर एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। बारिश से प्रभावित इस मुकाबले को 25-25 ओवर का कर दिया गया था। ऐसे में गुरबाज ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
सिर्फ 25 गेंदों में पूरी की फिफ्टी
गुरबाज ने अपनी पारी की शुरुआत बेहद तेज अंदाज में की। उन्होंने सिर्फ 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। यह अफगानिस्तान की ओर से वनडे क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज अर्धशतक है। इस सूची में सबसे ऊपर मोहम्मद नबी का नाम है, जिन्होंने साल 2023 में श्रीलंका के खिलाफ 24 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी। वहीं तीसरे स्थान पर मुजीब उर रहमान हैं, जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 26 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था।
शतक में बदलने की शानदार क्षमता
रहमानुल्लाह गुरबाज उन बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं, जो अर्धशतक को शतक में बदलने में सबसे ज्यादा सफल रहे हैं। उनके नाम अब नौ वनडे शतक दर्ज हैं और उनका कन्वर्जन रेट 56.25 प्रतिशत है। इस मामले में उन्होंने कई बड़े खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया है। सूची में कैलम मैकलियोड, डेरिल मिशेल, क्विंटन डी कॉक और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी शामिल हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि जब गुरबाज बड़ी पारी खेलने की शुरुआत करते हैं, तो उसे शतक में बदलने की संभावना काफी अधिक रहती है।
भारत के खिलाफ बनाई बड़ी साझेदारी
गुरबाज की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत अफगानिस्तान ने भारत के खिलाफ एक और बड़ी शतकीय साझेदारी दर्ज की। यह भारत के खिलाफ वनडे क्रिकेट में अफगानिस्तान की दूसरी 100 रन से ज्यादा की साझेदारी रही। इससे पहले साल 2023 वनडे विश्व कप में अज़मतुल्लाह उमरजई और हशमतुल्लाह शाहिदी ने मिलकर 121 रन जोड़े थे। गुरबाज की पारी ने एक बार फिर दिखाया कि अफगानिस्तान की बल्लेबाजी अब बड़े मंच पर भी मजबूत चुनौती पेश कर सकती है।
नए गेंदबाजों के सामने खेली यादगार पारी
इस मुकाबले में भारत ने दो नए खिलाड़ियों को वनडे डेब्यू का मौका दिया था। बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर हर्ष दुबे और तेज गेंदबाज गुरनूर बरार पहली बार भारतीय टीम की ओर से मैदान पर उतरे। गुरबाज ने दोनों युवा गेंदबाजों समेत पूरे भारतीय आक्रमण के खिलाफ आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। उन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और शुरुआत से अंत तक रन बनाने की रफ्तार बनाए रखी।


