International Yoga Day 2026: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 को लेकर पूरे देश में उत्साह का माहौल है। 21 जून को होने वाले मुख्य आयोजन से पहले विभिन्न राज्यों में बड़े पैमाने पर काउंटडाउन इवेंट, योग शिविर और अभ्यास सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। हजारों योग प्रेमी, प्रशिक्षक और आम नागरिक इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर योग के प्रति जागरूकता बढ़ा रहे हैं।
‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ है इस वर्ष की थीम
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार वर्ष 2026 अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का 12वां संस्करण है। इस वर्ष की थीम “Yoga for Healthy Ageing” (स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग) रखी गई है। इसका उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना है कि योग हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है और बढ़ती उम्र में भी शरीर को सक्रिय, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाए रखने में मदद करता है।
हैदराबाद से कोलकाता तक विशेष आयोजन
G. Kishan Reddy की अगुवाई में हैदराबाद के परेड ग्राउंड्स में 24 घंटे का विशेष काउंटडाउन कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं Shiv Pratap Shukla मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दूसरी ओर कोलकाता के रेड रोड पर भी योग दिवस की तैयारियां जोरों पर रहीं और बड़ी संख्या में लोगों ने अभ्यास सत्रों में भाग लिया।
जम्मू-कश्मीर में फ्लोटिंग योग बना आकर्षण
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में प्रशासन की ओर से सनासर में मेगा योग सत्र आयोजित किया गया। वहीं श्रीनगर में वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ियों ने पोखरीबल झील में फ्लोटिंग योग का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। पानी पर तैरते हुए योग करने का यह अनोखा आयोजन योग दिवस की तैयारियों का खास हिस्सा बना।
लखनऊ में जुटे हजारों योग साधक
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak ने लखनऊ स्थित KD Singh Babu Stadium में आयोजित विशाल योग शिविर में हिस्सा लिया। उन्होंने लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा को स्वस्थ और संतुलित बनाता है।
गोवा में योग समिट का आयोजन
गोवा के मुख्यमंत्री Pramod Sawant ने ‘संयोग ISM योग समिट 2026’ का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन आयुष विभाग के सहयोग से किया गया, जिसमें स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग के महत्व पर चर्चा हुई।
वैश्विक आंदोलन बन चुका है योग दिवस
प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रस्ताव के बाद वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को मान्यता दी गई थी। तब से यह आयोजन दुनिया भर में भारत की सांस्कृतिक और स्वास्थ्य संबंधी पहल का प्रतीक बन चुका है।






