Satluj Controversy: दिलजीत दोसांझ की बहुचर्चित फिल्म ‘सतलुज’ (पूर्व नाम ‘पंजाब 95’) भारत में रिलीज के महज 48 घंटे बाद ZEE5 से हटा दी गई। हालांकि, इस फैसले का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिल्कुल उल्टा देखने को मिला। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म की रिलीज के बाद ZEE5 ऐप के विदेशी डाउनलोड्स में करीब 374 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि ZEE5 की ओर से नहीं की गई है।
चार साल बाद रिलीज हुई थी फिल्म
मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन से प्रेरित यह फिल्म लंबे समय तक विवादों में रहने के बाद 3 जुलाई को ZEE5 पर रिलीज हुई थी। पहले इसका नाम ‘पंजाब 95’ था, जिसे बाद में बदलकर ‘सतलुज’ कर दिया गया। लेकिन भारत में रिलीज के केवल दो दिन बाद, 5 जुलाई को इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया।
विदेशों में बनी हुई है उपलब्ध
रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म भारत में हटाए जाने के बावजूद अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे कई देशों में ZEE5 पर उपलब्ध रही। इसी दौरान बड़ी संख्या में नए यूजर्स ने ऐप डाउनलोड किया। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डाउनलोड्स में करीब 374 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई, हालांकि कंपनी ने केवल इतना कहा कि फिल्म को विदेशों में शानदार प्रतिक्रिया मिली है।
हटाने की वजह क्या बताई जा रही है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ एजेंसियों ने आशंका जताई थी कि फिल्म के कुछ हिस्सों का भारत विरोधी तत्वों द्वारा दुरुपयोग किया जा सकता है। इसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने मामले की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।
निर्माता कोर्ट जाने की तैयारी में
फिल्म के लेखक-निर्देशक हनी त्रेहान और सह-लेखक निरेन भट्ट ने पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि चार वर्षों तक फिल्म विभिन्न प्रक्रियाओं में अटकी रही, लेकिन आपत्तियों के स्पष्ट कारण नहीं बताए गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, निर्माता इस फैसले को अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।
दिलजीत दोसांझ ने भी इंस्टाग्राम लाइव के दौरान कहा कि टीम को पहले से अंदाजा था कि फिल्म को हटाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल दौर में किसी कंटेंट को पूरी तरह हटाना आसान नहीं है।









