Argentina vs Egypt FIFA World Cup 2026: Argentina के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में 3-2 की हार के बाद Egypt के मुख्य कोच Hossam Hassan बेहद नाराज नजर आए। मैच के बाद उन्होंने रेफरी के फैसलों पर खुलकर सवाल उठाए और कहा कि उनकी टीम के साथ न्याय नहीं हुआ। उनका मानना है कि एक विवादित फैसले ने पूरे मुकाबले का रुख बदल दिया और इजिप्ट से ऐतिहासिक जीत छीन ली।
जीत के बेहद करीब पहुंचकर टूटा सपना
इजिप्ट की टीम इस मुकाबले में शानदार खेल दिखा रही थी। मैच खत्म होने से कुछ समय पहले तक टीम 2-0 की मजबूत बढ़त बनाए हुए थी और पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बेहद करीब थी। लेकिन आखिरी 23 मिनट में अर्जेंटीना ने शानदार वापसी करते हुए लगातार तीन गोल कर दिए। इंजरी टाइम में Enzo Fernández ने निर्णायक गोल किया और अर्जेंटीना को 3-2 से जीत दिला दी।
58वें मिनट का फैसला बना सबसे बड़ा विवाद
मुकाबले का सबसे बड़ा विवाद 58वें मिनट में सामने आया। इजिप्ट के खिलाड़ी Mostafa Ziko ने गेंद को गोल में पहुंचाकर टीम को 2-0 की बढ़त दिला दी थी। हालांकि, वीडियो रिव्यू के बाद रेफरी François Letexier ने यह गोल रद्द कर दिया। उनका कहना था कि गोल से पहले इजिप्ट के Marwan Attia ने अर्जेंटीना के Lisandro Martínez के खिलाफ फाउल किया था।
इजिप्ट ने कुछ देर बाद फिर गोल कर 2-0 की बढ़त बना ली, लेकिन अगर पहला गोल मान लिया जाता तो स्कोर 3-0 हो सकता था। ऐसे में अर्जेंटीना के लिए वापसी करना बेहद मुश्किल हो जाता।
कोच ने कहा, हमारे साथ नाइंसाफी हुई
मैच के बाद होसाम हसन ने कहा कि उन्हें इस मुकाबले में निष्पक्ष खेल देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उनकी टीम जीत की हकदार थी, लेकिन रेफरी के फैसले ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि मैच खत्म होने के बाद उन्होंने रेफरी के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की और फैसले पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
मैच की टाइमिंग पर भी जताई नाराजगी
होसाम हसन ने मुकाबले के समय पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 12 बजे मैच कराना खिलाड़ियों के लिए सही फैसला नहीं था। उन्होंने कहा कि मैदान के अंदर और बाहर कई ऐसी बातें हुईं, जिनकी समीक्षा होनी चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम से निराश होकर उन्होंने यहां तक कह दिया कि अब वह इस विश्व कप के बाकी मुकाबले नहीं देखेंगे। हालांकि, इजिप्ट ने 2018 के बाद पहली बार विश्व कप में हिस्सा लिया और 1934 के बाद पहली बार राउंड ऑफ 16 तक पहुंचकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी किया।









