Youth Power Victory: जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ चल रहा छात्रों और युवाओं का आंदोलन अब एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में बदल गया है। कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले लंबे समय से जारी इस आंदोलन के बीच शनिवार दोपहर धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे की खबर सामने आते ही आंदोलन से जुड़े छात्रों और समर्थकों में खुशी का माहौल देखने को मिला। इसे आंदोलन की बड़ी सफलता के तौर पर पेश किया जा रहा है।
संजय सिंह की बधाई
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने युवाओं और छात्रों को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि युवा शक्ति और छात्र शक्ति जिंदाबाद। संजय सिंह ने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं ने अपने आंदोलन के जरिए सरकार को जगाने का काम किया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए मजबूर किया। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक से शुरू हुई लड़ाई अब रोजगार के मुद्दे तक जाएगी और देश में हर गलती की जवाबदेही तय होगी।
एक महीने से आंदोलन
बताया जा रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी और छात्रों की ओर से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर एक महीने से अधिक समय से आंदोलन चल रहा था। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र और युवा जंतर-मंतर पहुंचते रहे। आंदोलनकारियों का मुख्य मुद्दा नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़ा रहा। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के साथ शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय हो।
20 जुलाई को हिंसा
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान आंदोलन ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई। आरोप है कि पुलिस ने छात्रों और युवाओं पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। इस घटना के बाद आंदोलन और तेज हो गया। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र और युवा प्रदर्शन में शामिल होने लगे। विपक्षी दलों के नेताओं के समर्थन से भी सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ने लगा और यह मुद्दा संसद तक पहुंच गया।
संसद में भी हंगामा
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने संसद में भी लगातार आवाज उठाई। विपक्ष के हंगामे और विरोध के कारण मानसून सत्र में सदन की कार्यवाही प्रभावित होने का दावा किया गया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों में इस मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध देखने को मिला। अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में उम्मीद जताई जा रही है कि सोमवार से संसद की कार्यवाही सामान्य रूप से आगे बढ़ सकती है। हालांकि, आंदोलन से जुड़े अन्य मुद्दों और छात्रों की आगे की रणनीति पर भी सभी की नजर बनी हुई है।








