CJP Nationwide Protest: हाल ही में जंतर-मंतर पर आंदोलन खत्म करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर देशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी दी है। पार्टी ने दो दिनों के भीतर दूसरी बार सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गईं और किसी भी प्रकार की पुलिस कार्रवाई जारी रही तो पूरे देश में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सरकार पर वादा तोड़ने का आरोप
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि 25 जुलाई 2026 को सरकार और संगठन के बीच हुई बातचीत में यह आश्वासन दिया गया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि इसी भरोसे के आधार पर संगठन ने अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन वापस लिया था, लेकिन अब हालात बदलते दिखाई दे रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जताई चिंता
सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी का हवाला देते हुए आशंका जताई कि सरकार इस आदेश का इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए कर सकती है। उनका कहना है कि अदालत ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जबरदस्ती न करने की बात कही है, लेकिन एफआईआर की जांच जारी रखने की अनुमति भी दी है, जिससे छात्रों में चिंता बढ़ी है।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
सोमवार को सीजेपी के एक अन्य प्रवक्ता आशुतोष रंका ने भी आरोप लगाया था कि समझौते के बावजूद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया गया। संगठन का कहना है कि यदि छात्रों को कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा तो आंदोलन फिर से तेज किया जाएगा।
सरकार से दो टूक मांग
सीजेपी ने केंद्र सरकार से सभी लंबित एफआईआर वापस लेने, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने और पहले किए गए वादों का पालन करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो देशभर के छात्र और युवा फिर से सड़कों पर उतरेंगे।








