Memory Tips: घर से निकलने के बाद मोबाइल भूल जाना, ऑफिस में चार्जर छोड़ आना या किसी का नाम अचानक याद न आना आम बात है। ऐसे मामलों में जरूरी नहीं कि आपकी याददाश्त कमजोर हो रही हो। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, कई बार इसकी वजह याददाश्त नहीं बल्कि ध्यान (Attention) का बंट जाना होता है।
दिमाग हर जानकारी को सेव नहीं करता
विशेषज्ञ बताते हैं कि इंसानी दिमाग कैमरे की तरह हर चीज रिकॉर्ड नहीं करता। वह पहले तय करता है कि कौन-सी जानकारी महत्वपूर्ण है और फिर उसे मेमोरी में दर्ज करता है। यदि किसी काम के दौरान ध्यान पूरी तरह मौजूद नहीं होता, तो वह जानकारी ठीक से याद नहीं रह पाती। इसी स्थिति को मनोविज्ञान में Absent-mindedness कहा जाता है।
मल्टीटास्किंग बढ़ा रही है परेशानी
आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में लोग एक साथ मोबाइल, लैपटॉप, ईमेल और सोशल मीडिया पर व्यस्त रहते हैं। न्यूरोसाइंस के अनुसार, मस्तिष्क वास्तव में मल्टीटास्किंग नहीं करता, बल्कि बहुत तेजी से एक काम से दूसरे काम पर स्विच करता है। इससे ध्यान बंटता है और छोटी-छोटी बातें भूलने की संभावना बढ़ जाती है।
तनाव और नींद की कमी भी हैं कारण
लगातार तनाव, पर्याप्त नींद न लेना और मानसिक दबाव भी याददाश्त को प्रभावित करते हैं। जब दिमाग तनाव में होता है, तो नई जानकारी को व्यवस्थित तरीके से संग्रहित करना कठिन हो जाता है। यही वजह है कि परीक्षा, नौकरी के दबाव या भावनात्मक तनाव के दौरान लोग सामान्य से अधिक भूलने लगते हैं।
कब डॉक्टर से सलाह लें?
अगर भूलने की आदत लगातार बढ़ रही हो, परिचित लोगों को पहचानने, रास्ते याद रखने या रोजमर्रा के काम करने में दिक्कत आने लगे, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। लेकिन केवल चाबी, मोबाइल या छोटे काम भूल जाना अक्सर व्यस्त दिनचर्या और बंटे हुए ध्यान का परिणाम होता है।









