National Honour Amendment Act 2026: भारत सरकार ने राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और गरिमा को लेकर एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2026′ को अधिसूचित कर दिया है। नए संशोधन के तहत राष्ट्रगान के साथ अब राष्ट्रगीत के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या व्यवधान पैदा करने को भी कानून के दायरे में लाया गया है।
6 अगस्त को राजपत्र में हुआ प्रकाशन
यह संशोधन वर्ष 1971 के Prevention of Insults to National Honour Act में बदलाव करता है। दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इसे 6 अगस्त 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया।
संशोधन का उद्देश्य राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े प्रतीकों की गरिमा बनाए रखना और जानबूझकर किए जाने वाले अपमानजनक कृत्यों पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान मजबूत करना है।
राष्ट्रगीत को भी मिला स्पष्ट कानूनी संरक्षण
संशोधन के तहत पुराने कानून की धारा 3 में बदलाव किया गया है। नए प्रावधान में राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रगीत को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि अब राष्ट्रगीत के गायन में जानबूझकर रुकावट डालने वाले कृत्य भी निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की सजा
नए प्रावधान के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत के गायन को रोकता है या किसी सभा अथवा जनसमूह के गायन में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
दोष सिद्ध होने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान बताया गया है। सजा का निर्धारण मामले की परिस्थितियों और अदालत के फैसले के आधार पर होगा।
क्या बदलेगा आम नागरिकों के लिए?
इस संशोधन का सीधा असर उन परिस्थितियों पर पड़ेगा जहां राष्ट्रीय गीत या राष्ट्रगान के सामूहिक गायन में कोई व्यक्ति जानबूझकर व्यवधान डालता है। हालांकि, कानून के तहत कार्रवाई के लिए जानबूझकर किया गया कृत्य और संबंधित प्रावधानों की शर्तें महत्वपूर्ण होंगी।
राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जुड़े नियमों को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना भी इस बदलाव का अहम पहलू माना जा रहा है।


