Shahjahanpur Sarraf Death:शाहजहांपुर के निगोही में चोरी के जेवरात खरीदने के मामले में वांछित सर्राफा व्यापारी उमेश गुप्ता उर्फ गुड्डू की बुधवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव भाई राकेश गुप्ता के नवनिर्मित मकान के बंद गेट के पास पड़ा मिला। उमेश के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान बताए गए हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
रात में हुई दबिश
नगर पंचायत निगोही के गांधीनगर निवासी उमेश गुप्ता के खिलाफ वर्ष 2025 में लखनऊ के मलिहाबाद थाने में चोरी के जेवरात खरीदने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमा अपराध संख्या 267/25 में लखनऊ की एसीजे कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसी वारंट के आधार पर मंगलवार रात करीब ढाई बजे मलिहाबाद पुलिस निगोही पुलिस के साथ उनके घर पहुंची और दबिश दी।
पुलिस पर गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि पुलिस की दबिश के दौरान उमेश बचकर भागने लगे। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें धक्का दे दिया, जिससे वह नीचे गिर गए और उनकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस की ओर से घटना को लेकर अलग सूचना भी सामने आई। डायल 112 पर उमेश के आत्महत्या करने की सूचना दी गई थी। बाद में परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए शव उठाने से रोक दिया।
छह घंटे बाद पोस्टमार्टम
बुधवार सुबह करीब सात बजे सफाई कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो उन्होंने शव पड़ा देखा। सूचना मिलने के बाद पुलिस वहां पहुंची। परिजनों के विरोध के चलते शव करीब छह घंटे तक मौके पर रहा, जिसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर फिर हंगामा शुरू हो गया। खबर लिखे जाने तक अंतिम संस्कार नहीं हो सका था और पुलिस-प्रशासन परिजनों को समझाने में जुटा था।
छह पुलिसकर्मियों पर केस
उमेश की पत्नी की तहरीर पर छह अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच के लिए फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। एसपी शाहजहांपुर सौरभ दीक्षित के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।








