अलास्का के एक दूर-दराज सैन्य एयरपोर्ट पर शुक्रवार को लैंडिंग की दूसरी कोशिश के दौरान छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी आठ लोगों की मौत हो गई। नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) के मुताबिक, घने कोहरे के कारण पायलट रनवे को देख नहीं पा रहे थे और उन्हें पूरी तरह इंस्ट्रूमेंट्स के सहारे उड़ान भरनी पड़ रही थी। हादसा एंकरेज से करीब 450 मील यानी 725 किलोमीटर पश्चिम में स्थित केप न्यूएनहैम लॉन्ग रेंज रडार साइट एयरपोर्ट पर हुआ।
मृतकों की पहचान नहीं
विमान में दो पायलट और छह यात्री सवार थे, लेकिन हादसे के तुरंत बाद किसी की पहचान नहीं हो सकी। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में अमेरिकी आर्मी कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर्स के दो कर्मचारी भी शामिल थे। दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जानकारी में खराब मौसम और बेहद कम दृश्यता को महत्वपूर्ण परिस्थितियों के तौर पर देखा जा रहा है।
GPS से लैंडिंग
केप न्यूएनहैम की यह रडार साइट 1950 के दशक में सोवियत संघ की ओर से संभावित मिसाइल हमले की शुरुआती चेतावनी देने वाले नेटवर्क के हिस्से के रूप में विकसित की गई थी। आज यहां से रूस, उत्तर कोरिया और चीन की दिशा में समुद्र के ऊपर हवाई गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। पहाड़ी ढलान पर बनी इस साइट की हवाई पट्टी बजरी से तैयार है। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन पायलटों को यहां लैंडिंग के दौरान GPS और अन्य इंस्ट्रूमेंट्स का इस्तेमाल करने की सलाह देता है।
विजिबिलिटी बेहद कम
हादसे से पहले इलाके में मौसम तेजी से बदल रहा था। नेशनल वेदर सर्विस की मौसम विज्ञानी कैरी हेस्ली के अनुसार, एयरपोर्ट के पास मौजूद ऑटोमेटेड ऑब्जर्वेशन सिस्टम ने दुर्घटना से कुछ मिनट पहले कम ऊंचाई वाले बादल, कोहरा और करीब 10 मील यानी 16 किलोमीटर की दृश्यता दर्ज की थी। हालांकि, हादसे के लगभग 15 मिनट बाद विजिबिलिटी घटकर एक-चौथाई मील यानी करीब 0.40 किलोमीटर से भी कम रह गई।
कम इस्तेमाल वाली साइट
यह एयरपोर्ट एक निजी सैन्य साइट है, जिसका प्रबंधन पैसिफिक एयर फोर्सेस रीजनल सपोर्ट सेंटर करता है। अलास्का कमांड के अनुसार, यह दूर-दराज की रडार साइट्स के नेटवर्क का हिस्सा है, जो अलास्का के एयरस्पेस और सीमाओं के आसपास उड़ने वाले विमानों पर नजर रखता है। केप न्यूएनहैम का आउटपोस्ट 1983 में नए रडार की स्थापना के बाद बंद कर दिया गया था। अब यहां कभी-कभार ही सिविलियन कॉन्ट्रैक्टर सिस्टम की देखरेख के लिए पहुंचते हैं।
कमांडर ने जताया दुख
अलास्कन कमांड, अलास्कन नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड रीजन और इलेवंथ एयर फोर्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रॉबर्ट डेविस ने हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि विमान में सवार लोग कठिन परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण मिशन पूरा करने वाले समर्पित प्रोफेशनल थे। उनके मुताबिक, यह सैन्य परिवार और उन समुदायों के लिए बड़ा नुकसान है, जिनकी सेवा की जाती है।





