ICC Action: भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट मैच के दौरान यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच हुई बहस अब दोनों खिलाड़ियों को महंगी पड़ गई है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने दोनों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। ICC के मुताबिक, दोनों खिलाड़ियों ने आचार संहिता के आर्टिकल 2.12 का उल्लंघन किया, जिसके तहत उन्हें लेवल-1 का दोषी पाया गया है।
नियम का उल्लंघन
ICC का आर्टिकल 2.12 किसी खिलाड़ी, खिलाड़ी सहायता कर्मी, अंपायर, मैच रेफरी या अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के दौरान किसी अन्य व्यक्ति के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क से जुड़ा है। कार्रवाई के साथ ही जायसवाल और फर्नांडो के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक-एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया है। खास बात यह है कि पिछले 24 महीनों में दोनों के खिलाफ ऐसा कोई पिछला अपराध दर्ज नहीं था।
कैसे हुई भिड़ंत
यह पूरा मामला टेस्ट मैच के पहले दिन भारत की पहली पारी के 17वें ओवर में हुआ। असिथा फर्नांडो ने यशस्वी जायसवाल को क्लीन बोल्ड कर दिया। लगातार रन बनाने में संघर्ष कर रहे जायसवाल आउट होने के बाद ड्रेसिंग रूम की तरफ बढ़ रहे थे, लेकिन अचानक पलटकर श्रीलंकाई खिलाड़ियों से बहस करने लगे। इसी दौरान उन्होंने अपना हेलमेट फर्नांडो के सिर तक ले जाकर टिका दिया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।
दोनों ने मानी गलती
जायसवाल और फर्नांडो दोनों ने अपने किए को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने एमिरेट्स ICC एलीट पैनल ऑफ मैच रेफरी के एंडी पाइक्रॉफ्ट की ओर से प्रस्तावित सजा को भी मान लिया। दोनों के अपराध स्वीकार करने के कारण मामले में किसी औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। मैदान पर मौजूद अंपायर अहसान रजा, शरफुद्दौला इब्ने शाहिद, तीसरे अंपायर रॉड टकर और चौथे अंपायर प्रगीथ रामबुकवेला ने आरोप लगाए थे।
बैन तक पहुंच सकता मामला
लेवल-1 के अपराध में आधिकारिक फटकार से लेकर मैच फीस के 50 प्रतिशत तक जुर्माने और एक या दो डिमेरिट पॉइंट की सजा दी जा सकती है। अगर कोई खिलाड़ी 24 महीनों के भीतर चार या उससे ज्यादा डिमेरिट पॉइंट हासिल कर लेता है, तो इन्हें सस्पेंशन पॉइंट में बदला जा सकता है। ऐसे में खिलाड़ी पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।
कितने पॉइंट पर बैन?
दो सस्पेंशन पॉइंट मिलने पर खिलाड़ी को एक टेस्ट या दो वनडे या दो टी20 इंटरनेशनल मैचों से प्रतिबंधित किया जा सकता है, जो भी मुकाबला पहले आता है। डिमेरिट पॉइंट खिलाड़ी के रिकॉर्ड में 24 महीने तक बने रहते हैं। इसके बाद उन्हें अनुशासनात्मक रिकॉर्ड से हटा दिया जाता है।










