New Delhi: दिल्ली प्रीमियर लीग में सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। ईस्ट दिल्ली राइडर्स और न्यू दिल्ली टाइगर्स के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान फील्ड अंपायर धर्मेश भारद्वाज के चेहरे पर तेज रफ्तार गेंद जा लगी। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा और ICU में भर्ती कराया गया।
मैच में ईस्ट दिल्ली राइडर्स ने 36 रन से जीत हासिल की। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने 7 विकेट पर 192 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यू दिल्ली टाइगर्स की टीम 19.2 ओवर में 156 रन पर ही सिमट गई। हालांकि, मैच के नतीजे से ज्यादा चर्चा अंपायर के साथ हुई इस घटना को लेकर हो रही है।
तेज शॉट लगते ही मैदान पर मची हलचल
न्यू दिल्ली टाइगर्स की पारी के दौरान यह हादसा हुआ। आशीष मीना के ओवर में बल्लेबाज ने गेंद को सामने की ओर बहुत तेज शॉट खेला। गेंद इतनी तेजी से गई कि फील्ड अंपायर धर्मेश भारद्वाज को संभलने का मौका नहीं मिला और गेंद सीधे उनके चेहरे पर जा लगी।
गेंद लगते ही अंपायर मैदान पर गिर पड़े। घटना को देखकर खिलाड़ी और मैदान में मौजूद बाकी लोग भी तुरंत उनकी मदद के लिए पहुंचे। कुछ ही देर में मेडिकल टीम मैदान पर पहुंची और अंपायर की स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे की जांच और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
ICU में कराया गया भर्ती, खिलाड़ियों में भी दिखी चिंता
चोट गंभीर होने के कारण धर्मेश भारद्वाज को अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद मैच से जुड़े खिलाड़ियों और अधिकारियों में भी चिंता का माहौल बन गया।
क्रिकेट के मैदान पर बल्लेबाजों के तेज शॉट लगने का खतरा हमेशा रहता है, लेकिन अंपायर गेंद की दिशा में खड़े होने के कारण कई बार मुश्किल स्थिति में आ जाते हैं। इस घटना ने एक बार फिर मैदान पर मौजूद अंपायरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ईस्ट दिल्ली राइडर्स ने 36 रन से जीता मुकाबला
इस मुकाबले में ईस्ट दिल्ली राइडर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 192 रन बनाए। टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट गंवाए। इसके जवाब में न्यू दिल्ली टाइगर्स की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 19.2 ओवर में 156 रन ही बना सकी।
इस तरह ईस्ट दिल्ली राइडर्स ने मुकाबला 36 रन से अपने नाम किया। हालांकि, मैच खत्म होने के बाद सबसे ज्यादा चिंता अंपायर धर्मेश भारद्वाज की चोट को लेकर रही।
दिल्ली प्रीमियर लीग के इस मुकाबले में हुई घटना ने एक बार फिर दिखाया कि क्रिकेट में खिलाड़ियों के साथ-साथ मैदान पर मौजूद अंपायरों की सुरक्षा भी कितनी जरूरी है। तेज गेंद और शॉट से होने वाली ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजामों पर लगातार ध्यान देने की जरूरत है।









