भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन ध्रुव जुरेल ने शानदार अंदाज में अपने टेस्ट करियर का दूसरा शतक पूरा किया। जुरेल ने मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य दिखाते हुए पारी को संभाला और टीम इंडिया को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनका शतक 171 गेंदों में पूरा हुआ, जबकि पूरी पारी में उन्होंने शानदार संयम दिखाया।
99 पर बढ़ी धड़कन
जुरेल जब 99 रन पर पहुंचे तो मुकाबले में अचानक रोमांच बढ़ गया। उनके साथ मोहम्मद सिराज बल्लेबाजी कर रहे थे और श्रीलंकाई गेंदबाज हर गेंद पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे। जुरेल ने एक रन लेने की कोशिश की और इस दौरान वह रन आउट होते-होते बच गए। फील्डर स्टंप्स पर सीधा निशाना नहीं लगा पाया और जुरेल बाल-बाल बच गए।
ऐसे आया शतक
इसके बाद जुरेल ने शानदार संयम दिखाया। अगले ओवरों में उन्होंने अपना विकेट बचाते हुए सही गेंद का इंतजार किया। आखिरकार एक रन लेकर उन्होंने अपना दूसरा टेस्ट शतक पूरा कर लिया। शतक पूरा होते ही भारतीय ड्रेसिंग रूम और मैदान पर मौजूद साथी खिलाड़ियों ने जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत किया। यह पल जुरेल के लिए बेहद खास रहा।
बारिश ने बढ़ाया इंतजार
जुरेल की सेंचुरी का सफर आसान नहीं रहा। वह 90 के पार पहुंचने के बाद 95 रन पर थे, तभी बारिश ने खेल रोक दिया। इसके बाद चाय का ब्रेक और खेल दोबारा शुरू होने में देरी ने उनके इंतजार को और लंबा कर दिया। मैदान पर वापसी के बाद जुरेल ने बिना घबराए अपनी पारी को आगे बढ़ाया और आखिरकार शतक पूरा कर लिया।
भारत का बड़ा स्कोर
जुरेल ने अपनी पारी को 115 रन तक पहुंचाया। उन्होंने 177 गेंदों का सामना करते हुए 9 चौके और 2 छक्के लगाए। रिषभ पंत के साथ भी उनकी महत्वपूर्ण साझेदारी रही, जिसने भारत को दबाव से बाहर निकालने में मदद की। भारत ने अपनी पहली पारी 503/9 पर घोषित की।
जुरेल की खास पारी
ध्रुव जुरेल का यह शतक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूती दी। पहले टेस्ट में भी भारत ने श्रीलंका को हराकर सीरीज में बढ़त बनाई थी। दूसरे टेस्ट में जुरेल की यह पारी भारत को और मजबूत स्थिति में ले जाने वाली साबित हुई।








