Lucknow Transporter Death:लखनऊ के खदरा मदेयगंज इलाके के रहने वाले 37 वर्षीय ट्रांसपोर्टर जितेंद्र शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव घर से करीब पांच किलोमीटर दूर हजरतगंज स्थित हैदर कैनाल नाले में पड़ा मिला। जितेंद्र दो अगस्त की सुबह करीब 6 बजे घर से निकले थे। वह बिना किसी को बताए घर से गए थे और फिर वापस नहीं लौटे। काफी देर तक उनके घर नहीं आने पर परिवार ने आसपास तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला।
घर पर छोड़ गए सामान
जितेंद्र के भाई सत्येंद्र के मुताबिक, सुबह जब उनकी पत्नी और बच्चे सोकर उठे तो जितेंद्र घर पर नहीं थे। वह अपना मोबाइल फोन और गाड़ी घर पर ही छोड़ गए थे। परिवार को लगा कि वह किसी काम से बाहर गए होंगे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद परिजनों ने आसपास के इलाकों और संभावित ठिकानों पर उनकी तलाश की। जब काफी खोजबीन के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिली तो अगले दिन पुलिस को सूचना दी गई।
गुमशुदगी दर्ज हुई
परिजनों की सूचना के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई। 24 घंटे बीतने के बाद परिवार थाने पहुंचा और जितेंद्र की गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी दौरान चार अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे थाने में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पहुंची। पुलिस ने पोस्टमार्टम हाउस बुलाकर परिवार को इसकी जानकारी दी। वहां पहुंची जितेंद्र की पत्नी संगीता ने शव की पहचान अपने पति के रूप में की। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जितेंद्र के दो बेटे हिमांशु और रुद्र हैं।
भाई ने जताई आशंका
जितेंद्र के भाई सत्येंद्र मुंबई में काम करते हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद वह शनिवार सुबह लखनऊ पहुंचे। सत्येंद्र ने हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि जितेंद्र के शरीर पर चोट के निशान भी दिखाई दिए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर जितेंद्र ने खुदकुशी की होती तो घर के पास मौजूद बड़ी नदी या किसी अन्य स्थान के बजाय करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित नाले में शव क्यों मिलता? इसी वजह से परिवार को आशंका है कि जितेंद्र के साथ कोई अनहोनी हुई और बाद में शव को नाले में फेंका गया।
पोस्टमार्टम से खुलेगा राज
मामले में इंस्पेक्टर का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिवार की ओर से लगाए गए हत्या के आरोपों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि जितेंद्र घर से निकलने के बाद कहां गए थे और किन परिस्थितियों में उनका शव नाले तक पहुंचा।









