Home Guard Candidate Death:लखनऊ में होमगार्ड भर्ती की दौड़ के दौरान अभ्यर्थी योगेंद्र सिंह की मौत के मामले में सामने आए CCTV फुटेज ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फुटेज में योगेंद्र दौड़ते-दौड़ते अचानक लड़खड़ाते दिखाई देते हैं। वह संभलने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती जाती है। यह घटना 15 सितंबर को 35वीं वाहिनी पीएसी के मैदान में हुई थी।
दौड़ते-दौड़ते बिगड़ी हालत
CCTV फुटेज के मुताबिक योगेंद्र दूसरे अभ्यर्थियों के साथ दौड़ रहे थे। कुछ देर बाद उनका संतुलन बिगड़ने लगा। उनके साथ दौड़ रहा एक अभ्यर्थी उन्हें संभालता हुआ भी नजर आया। इसके बाद योगेंद्र कुछ देर बैठते हैं और फिर दोबारा आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं।
हालांकि, वह ठीक से दौड़ नहीं पा रहे थे। उनकी चाल लड़खड़ा रही थी और कुछ समय बाद वह मैदान में गिर पड़े। रिपोर्ट के मुताबिक फुटेज में उनके संघर्ष का पूरा घटनाक्रम पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है।
कैमरे में मदद का इशारा
फुटेज में योगेंद्र की हालत बिगड़ने के दौरान उनके इशारों पर भी ध्यान गया है। बताया गया है कि वह अपने मुंह की तरफ इशारा कर रहे थे। इसी वजह से अब जांच में यह पहलू भी महत्वपूर्ण हो गया है कि उस समय उन्हें क्या परेशानी हो रही थी और मैदान पर मौजूद लोगों ने कितनी जल्दी मदद पहुंचाई।
योगेंद्र सीतापुर के रहने वाले थे और भर्ती प्रक्रिया के तहत शारीरिक परीक्षा देने लखनऊ पहुंचे थे। दौड़ के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम में चौंकाने वाला खुलासा
मामले ने तब गंभीर मोड़ लिया, जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में योगेंद्र के गले में 250 मिलीलीटर की प्लास्टिक की पानी की बोतल फंसी मिलने की बात सामने आई। रिपोर्ट में शरीर पर 12 चोटों के निशान भी दर्ज किए गए। इसके बाद परिवार ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज कराई।
पुलिस ने अभी किसी व्यक्ति को मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। अधिकारियों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट, CCTV फुटेज और घटना के दौरान मौजूद अभ्यर्थियों व कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी की जांच की जा रही है। पांच सदस्यीय टीम मामले की पड़ताल कर रही है।
इलाज में देरी पर सवाल
अब जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि मैदान में योगेंद्र की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें कितनी जल्दी चिकित्सा सहायता मिली। CCTV में उनके लड़खड़ाने और गिरने का घटनाक्रम सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया के दौरान मेडिकल व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।









