UP Politics:उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने तैयारियां तेज कर दी हैं। लखनऊ में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि अगला चुनाव केवल सरकार के कामकाज के भरोसे नहीं जीता जा सकता। इसके लिए संगठन के हर कार्यकर्ता को पूरी ताकत लगानी होगी। उन्होंने नाराजगी और निराशा छोड़कर चुनावी मैदान में उतरने का आह्वान किया।
बूंदाबांदी के बीच चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से छतरी लगाकर बाहर निकले अमित शाह का स्वागत किया गया। बैठक में पहुंचते ही उन्होंने भारत माता की जय का नारा लगवाया और कहा, ‘बोलिए भारत माता की जय, आवाज कम क्यों है? अभी तो ठंड भी नहीं बढ़ी है। लगातार तीसरी बार सरकार बनानी है। विजय संकल्प की मुठ्ठी भींचिए।’
कार्यकर्ताओं को दिया संदेश
डा. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के डा. भीमराव आंबेडकर प्रेक्षागृह में आयोजित बैठक में अमित शाह ने करीब 37 मिनट तक संबोधन किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भाजपा का असली मालिक बताते हुए कहा कि पार्टी में उनका सम्मान सबसे ऊपर है।
शाह ने कहा कि किसी कार्यकर्ता की इच्छा मंत्री, सांसद या कैबिनेट मंत्री बनने की रही हो, लेकिन उसे कोई दूसरा दायित्व मिला हो तो निराश होने की जरूरत नहीं है। भाजपा अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि अपनी नाराजगी, भ्रम और अवसाद गोमती नदी में फेंक दीजिए और 2027 में सरकार बनाने के लिए जुट जाइए।
यूसीसी लागू करने का वादा
अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में तीसरी बार भाजपा सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू की जाएगी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का जिक्र करते हुए कहा कि आज ही के दिन कारसेवकों पर गोलियां चलवाई गई थीं। इस घटना को तीसरी पीढ़ी भी नहीं भूलेगी।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि उनकी बातों का जवाब भाजपा कार्यकर्ता वोटों के जरिए देंगे।
पुराने चुनावों का दिया उदाहरण
गृह मंत्री ने भाजपा की चुनावी सफलता का श्रेय कार्यकर्ताओं की मेहनत को दिया। उन्होंने 2014 का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह उत्तर प्रदेश के प्रभारी बनकर आए थे, तब संगठन में उत्साह की कमी थी। कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित किया गया और पार्टी ने लोकसभा चुनाव में रिकॉर्ड 71 सीटें जीतीं।
उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। शाह ने कहा कि उस समय विरोधी दल भाजपा की हार का दावा कर रहे थे। नोटबंदी के बाद भी विपक्ष को जीत का भरोसा था, लेकिन कार्यकर्ताओं की मेहनत ने सारे आकलन बदल दिए। भाजपा ने 403 सदस्यीय विधानसभा में 312 सीटें जीतकर सरकार बनाई।
विपक्ष पर साधा निशाना
अमित शाह ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव में हार के बाद तैयारी करने के बजाय दोनों नेता अंपायर पर उंगली उठाने लगते हैं। उन्होंने संसद के विशेष सत्र में चर्चा की चुनौती भी दी।
शाह ने कहा कि राहुल गांधी 2024 के चुनावी आंकड़ों में ही उलझे हुए हैं। उन्होंने ओडिशा, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भाजपा और एनडीए की सरकार बनने का भी उल्लेख किया।
योगी सरकार की तारीफ
गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के कठोर शासन से उत्तर प्रदेश में अपराध पर नियंत्रण हुआ और प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आया।
शाह ने राम मंदिर निर्माण, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी उपलब्धियों का भी जिक्र किया। साथ ही वर्ष 2031 तक देश को नशामुक्त बनाने का संकल्प दोहराया।
2027 के लिए चुनावी मंत्र
अमित शाह का पूरा संबोधन मिशन-2027 पर केंद्रित रहा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि केवल सरकार की उपलब्धियां गिनाना पर्याप्त नहीं होगा। उन्हें जनता के बीच जाकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देना होगा।
उनका संदेश साफ था- आपसी मतभेद और नाराजगी भुलाकर संगठन के लिए जुटिए और तीसरी बार उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरिए।




















