महाराष्ट्र की सियासत में गरमा गर्मी का माहौल है। पहले बीजेपी के साथ मिलकर एकनाथ शिंदे की ऐतिहासिक बगावत और फिर शिवसेना सांसद संजय राउत पर ED की कार्रवाई। लेकिन इन सब के बीच बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का एक बयान सामने आया है जिसने आग में घी का काम किया है। दरअसल उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि शिवसेना समेत तमाम क्षेत्रीय पार्टिया खत्म हो जाएगी और केवल बीजेपी ही बचेगी।
जेपी नड्डा के इस बयान के बाद शिवसेना भड़क उठी। फिर क्या था शिवसेना ने वार पर पलटवार करते हुए अपने मुखपत्र ‘सामना’ के माध्यम से कहा कि जेपी नड्डा के बयान अहंकार और घमंड से भरा हुआ है।
जेपी नड्डा किस हवा में हैं?
वहीं उन्होंने सामना में कहा कि शिवसेना को खत्म करने निकले जेपी नड्डा किस हवा में हैं?
इसी शिवेसना ने भाजपा को 25 सालों तक अपने कंधे पर घुमाया। हिंदू हृदय सम्राट बाला साहेब के नाम पर ही आज महाराष्ट्र में तर गए।

उन्होंने कहा कि जब पूरा विश्व मोदी के विरोध में खड़ा हुआ था तब हिंदुत्व के लिए एकमात्र बालासाहेब ठाकरे ही मोदी का बचाव कर रहे थे। शिवसेना ने कहा, नड्डा तानाशाही की भाषा बाले रहे हैं, यह भाषा परिवारवाद से भी भयंकर है।
इसी बीच शिवसेना ने कहा, किसी समय कांग्रेस को भी लगता था कि देश में केवल हम ही रहेंगे। लेकिन आज क्या स्थिति है? कांग्रेस को पराजित करके जनता पार्टी सत्ता में आई। आज जनता पार्टी कहां है? भाजपा भी सूखे पत्तों की तरह उड़ गई थी। आज भाजपा मोदी के नेतृत्व में मजबूत स्थिति में है।
राजनीति में इतना चंचल कुछ नहीं होता।

लेकिन राजनीति में इतना चंचल कुछ नहीं होता। लोगों का मन कब बदल जाए, उसका भरोसा नहीं। भाजपा लगातार चुनाव जीत रही है। इसका मतलब मुकाबले में कोई नहीं बचा और क्षेत्रीय पार्टियों का पतन हो गया ऐसा नहीं है। पश्चिम बंगाल, केरल, बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में क्षेत्रीय पार्टियां मजबूत स्थिति में हैं।
सभी आपके पीछे गिड़गिड़ाते हुए नहीं जाएंगे। पंजाब और दिल्ली में ‘आप’ की सत्ता है। आम आदमी पार्टी अब नड्डा के हिमाचल में घुस गई है। इसलिए हिमाचल में नड्डा की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
राजनीति में इतना चंचल कुछ नहीं होता।

शिवसेना ने तंज कसते हुए सामना में लिखा कि मराठी में एक कहावत है कि राजनीति में इतना चंचल कुछ नहीं होता।नड्डा साहब को इस कहावत का अर्थ समझाना चाहिए। इसलिए कौओं के श्राप से प्रादेशिक पार्टियों की गायें नहीं मरेंगी। इसके विपरीत गौवंश बढ़ता ही जाएगा। शिवसेना तो बाघ है। इसलिए बाघ की छलांग झेलना आपके बस का नहीं है।
शिवसेना ने कहा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा दूसरों की तुलना में अच्छे व्यक्ति हैं, ऐसी एक धारणा थी। लेकिन आखिर में नड्डा भी सब घोड़े बारह टके के हिसाब से बोलने लगे हैं। जिस छत्रछाया में घूम रहे हैं उसे देखते हुए उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है? एक अच्छा इंसान भी बर्बाद हो गया इसका दुख अधिक है।
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