दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने साउथ जोन के सामने मजबूत चुनौती पेश कर दी है। ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। कप्तान ईशान किशन ने शानदार 270 रन की पारी खेली, जिसमें 30 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। इससे पहले वैभव सूर्यवंशी ने 44 और अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 रन बनाकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। ईस्ट जोन के इस बड़े स्कोर के बाद साउथ जोन पर दबाव साफ नजर आया।
साउथ की शुरुआत खराब
तीसरे दिन साउथ जोन ने अपनी पहली पारी शुरू की, लेकिन टीम को शुरुआती झटके जल्दी लग गए। छठे ओवर में रिकी भुई सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद नारायण जगदीशन ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन वह भी 32 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। महज 70 रन के स्कोर तक साउथ जोन अपने दोनों ओपनर्स गंवा चुका था। इससे टीम की मुश्किलें बढ़ गईं और ईस्ट जोन के गेंदबाज लगातार दबाव बनाते नजर आए।
पडीक्कल का अर्धशतक
नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे देवदत्त पडीक्कल ने जरूर टीम को संभालने की कोशिश की। उन्होंने शानदार अर्धशतक लगाया, लेकिन अपनी पारी को शतक में नहीं बदल सके और 62 रन बनाकर आउट हो गए। शेख रशीद भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और 48 गेंदों पर 27 रन बनाकर चलते बने। आर स्मरण ने 23 रन बनाए। 174 रन के स्कोर पर पांचवां विकेट गिरने के बाद साउथ जोन मुश्किल स्थिति में पहुंच गया।
तिलक ने संभाला मोर्चा
साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने एक छोर संभालते हुए टीम की उम्मीदें बनाए रखीं। उन्होंने श्रेयस गोपाल के साथ छठे विकेट के लिए 66 रन की अहम साझेदारी की। गोपाल 28 रन बनाकर आउट हुए, जबकि तिलक 56 रन बनाकर नाबाद हैं। उनके साथ चामा मिलिंद 2 रन पर खेल रहे हैं। 80 ओवर के बाद साउथ जोन का स्कोर 242/6 है और वह ईस्ट जोन से अभी 466 रन पीछे है। ईस्ट जोन की ओर से मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार ने दो-दो विकेट लिए हैं।
ड्रॉ पर बड़ा नियम
फाइनल के ड्रॉ होने की स्थिति को लेकर भी क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा तेज है। दलीप ट्रॉफी के नॉकआउट मुकाबलों में अगर फाइनल ड्रॉ रहता है, तो दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित नहीं किया जाता। पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम को चैंपियन बनाया जाता है। इसलिए ईस्ट जोन की 708 रन की पारी बेहद अहम है। अगर साउथ जोन 707 या उससे कम रन पर रुकता है और मुकाबला ड्रॉ हो जाता है, तो ईस्ट जोन दलीप ट्रॉफी 2026 का चैंपियन बन जाएगा।
पारी घोषित क्यों नहीं?
ईस्ट जोन के 708 रन बनाने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि कप्तान ईशान किशन ने 500 या 550 रन के आसपास पारी घोषित क्यों नहीं की। हालांकि, पांच दिवसीय फाइनल में टीम ने परिस्थितियों और नियमों को ध्यान में रखते हुए बड़ा स्कोर खड़ा करना ज्यादा सुरक्षित समझा। ईशान ने अपनी शानदार पारी के बाद कहा कि टीम से बाहर रहने के दौरान उन्हें समझ आया कि बल्लेबाज का मुख्य काम रन बनाना है। यही सोच उनके हालिया अच्छे फॉर्म में मददगार रही है।






