Duleep Trophy: महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी लगातार क्रिकेट रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा रहे हैं। दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में नॉर्थ जोन की ओर से खेलते हुए उन्होंने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। बेंगलुरु के बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में सेंट्रल जोन के खिलाफ मुकाबले में वैभव ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सबसे कम उम्र में दलीप ट्रॉफी अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड बना दिया।
शानदार शुरुआत
मुकाबले में सेंट्रल जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 266 रन बनाए। इसके बाद नॉर्थ जोन की पारी की शुरुआत करने वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यू ईश्वरन मैदान पर उतरे। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर टीम को मजबूत शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 161 रन की साझेदारी की। इस दौरान वैभव ने तेज बल्लेबाजी करते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया और टीम को अच्छी स्थिति में पहुंचा दिया।
42 गेंदों में फिफ्टी
वैभव ने महज 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। वह लगातार आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे और ऐसा लग रहा था कि आसानी से शतक भी पूरा कर लेंगे। हालांकि, उनकी शानदार पारी 92 रन पर समाप्त हो गई। हर्ष दुबे ने उन्हें अपना शिकार बनाया। वैभव ने 81 गेंदों की पारी में 7 चौके और 7 छक्के लगाए। उनकी इस पारी ने एक बार फिर उनकी बल्लेबाजी क्षमता और आत्मविश्वास की झलक दिखाई।
57 साल पुराना रिकॉर्ड
वैभव ने इस अर्धशतक के साथ दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने का 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड लक्ष्मण सिंह के नाम था, जिन्होंने 16 साल 23 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था। वैभव ने यह उपलब्धि सिर्फ 15 साल 157 दिन की उम्र में हासिल कर ली। इस तरह उन्होंने रिकॉर्ड अपने नाम करते हुए भारतीय घरेलू क्रिकेट में अपनी खास पहचान और मजबूत कर ली है।
कप्तानी भी संभाली
वैभव के लिए यह मुकाबला सिर्फ बल्लेबाजी के लिहाज से ही खास नहीं रहा। मैच के पहले दिन नॉर्थ जोन के नियमित कप्तान ईशान किशन को कलाई में चोट लग गई थी। उनकी गैरमौजूदगी में उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी को टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। इतनी कम उम्र में कप्तानी और फिर बल्ले से शानदार प्रदर्शन ने उनके प्रदर्शन को और खास बना दिया है।
भविष्य का सितारा
वैभव सूर्यवंशी की उम्र भले ही अभी सिर्फ 15 साल है, लेकिन उनका प्रदर्शन लगातार बड़े खिलाड़ियों के बीच चर्चा बटोर रहा है। दलीप ट्रॉफी में 92 रन की तेजतर्रार पारी और सबसे कम उम्र में अर्धशतक का रिकॉर्ड इस बात का संकेत है कि वह आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ा नाम बन सकते हैं। अब नजर इस बात पर होगी कि वैभव आगे कितने और रिकॉर्ड अपने नाम करते हैं।







