MS Dhoni Birthday: रांची की गलियों से विश्व क्रिकेट के शिखर तक का सफर , जानिए ‘कैप्टन कूल’ की प्रेरणादायक कहानी

महेंद्र सिंह धोनी आज अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं। रेलवे की नौकरी से शुरू हुआ उनका सफर भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शामिल होने तक पहुंचा और उन्होंने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं।

MS Dhoni Birthday: भारतीय क्रिकेट में जब भी शांत स्वभाव, शानदार कप्तानी और मुश्किल समय में मैच जिताने वाले खिलाड़ी की बात होती है, तो सबसे पहले महेंद्र सिंह धोनी का नाम याद आता है। आज यानी 7 जुलाई को पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं। झारखंड के रांची से निकलकर दुनिया के सबसे सफल क्रिकेटरों में जगह बनाने वाले धोनी की कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने अपनी मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के दम पर यह मुकाम हासिल किया।

फुटबॉल से क्रिकेट तक का सफर

बहुत कम लोग जानते हैं कि स्कूल के दिनों में धोनी फुटबॉल खेलते थे और गोलकीपर की भूमिका निभाते थे। उनके खेल को देखकर कोच ने उन्हें विकेटकीपिंग करने की सलाह दी। यही फैसला उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट को अपना लक्ष्य बनाया और लगातार मेहनत करते हुए आगे बढ़ते गए।

रेलवे की नौकरी के साथ संघर्ष

क्रिकेट में पहचान बनाने से पहले धोनी ने भारतीय रेलवे में ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (टीटीई) के रूप में भी काम किया। साल 2004 में उन्हें भारत की वनडे टीम में जगह मिली और उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। शुरुआती मैचों में उनका प्रदर्शन साधारण रहा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। साल 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ 148 रन और श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 183 रन की शानदार पारी खेलकर उन्होंने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उनके लंबे बाल और बड़े-बड़े छक्के उस समय युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय हो गए।

कप्तानी में रचा इतिहास

साल 2007 में धोनी को युवा टीम के साथ टी20 विश्व कप की कप्तानी सौंपी गई। उनकी शानदार रणनीति और शांत नेतृत्व में भारत ने पहला टी20 विश्व कप अपने नाम किया। इसके बाद साल 2011 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 91 रन की यादगार पारी खेलकर उन्होंने भारत को 28 साल बाद वनडे विश्व कप जिताया। मैच का विजयी छक्का आज भी क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में बसा हुआ है। साल 2013 में उन्होंने भारत को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी भी जिताई। धोनी दुनिया के इकलौते कप्तान हैं, जिन्होंने तीनों बड़े आईसीसी खिताब अपने नाम किए।

‘थाला’ की अमिट पहचान

धोनी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 17 हजार से ज्यादा रन बनाए और विकेट के पीछे 800 से अधिक खिलाड़ियों को आउट किया। उनकी कप्तानी में भारत पहली बार टेस्ट क्रिकेट की नंबर-1 टीम बना। इंडियन प्रीमियर लीग में उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स को पांच बार चैंपियन बनाया। इसी वजह से चेन्नई के प्रशंसक उन्हें प्यार से ‘थाला’ कहते हैं। क्रिकेट में उनके योगदान के लिए भारत सरकार उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न से सम्मानित कर चुकी है। भले ही उन्होंने 15 अगस्त 2020 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया हो, लेकिन आज भी जब वह मैदान पर उतरते हैं तो पूरा स्टेडियम उनके नाम के नारों से गूंज उठता है।

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